दिल्ली में बढ़ रहे तेजी से कोरोना के मामले, स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी कैंसिल

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के डॉक्टरों और सपोर्ट स्टाफ सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों की छुटिट्यां रद्द कर दी है। दिल्ली सरकार ने आदेश जारी कर छुट्टी पर गए सभी स्टाफ को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर वापस रिपोर्ट करने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि सिर्फ बहुत आवश्यक परिस्थितियों में ही स्टाफ को छुट्टी दी जाएगी।

आदेश के अनुसार, अस्पतालों के निदेशक, एमएस, एमडी, डीन को निर्देश दिया गया है कि वे उनके नियंत्रण में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को आदेश दे की छुट्टी रद्द कर दी गई है और सभी स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल में तुरंत रिपोर्ट करें। इसके अलावा किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को बहुत जरूरी होने पर ही छुट्टी दी जाए।

दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना के कुल 3000 से अधिक मामले सामने आए है। साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या राजधानी में 50 हजार के पार पहुंच चुकी है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को आए 3137 नए मामलों के साथ दिल्ली में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 53116 पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली में 66 नई मौत दर्ज होने के बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों का कुल आंकड़ा 2035 हो गया है।

कोरोना को लेकर उप-राज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली सरकार के बीच घमासान भी बढ़ता जा रहा है। उप-राज्यपाल का कहना है कि दिल्ली में कोविड-19 के सभी मरीजों को कम से कम पांच दिन किसी सरकारी फैसलिटी में क्वारंटाइन में रहना चाहिए और उसके बाद उन्हें घर में क्वारंटाइन की अनुमति दी जानी चाहिए।

लेकिन दिल्ली सरकार इसका विरोध कर रही है। उसका कहना है कि इसके लिए बड़ी संख्या में क्वारंटाइन फैसलिटी बनानी होगी जिसके लिए डॉक्टरों, नर्सों और जगह की जरूरत पड़ेगी। सरकार के पास इतने संसाधन नहीं हैं।हॉस्पिटल स्टाफ की छुट्टी रद्द करने के फैसले को इसी परिपेक्ष्य में देखा जा रहा है।


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