मुस्लिमों की दुकानों को न पहुंचे नुकसान इसलिए हिंदुओं ने उतार दिए थे बोर्ड

दिल्ली दं’गों को लेकर धीरे-धीरे शांति बहाल होती दिख रही है तो साथ ही हिन्दू-मुस्लिम भाईचारगी भी सामने आ रही है कि किस तरह दोनों समुदाय इस मुसीबत की घड़ी में एक-दूसरे की मदद की। इतना ही नहीं दोनों समुदायों ने एक-दौरे की दुकानों को ज’लने से बचाया।

यमुना विहार में दं’गाइयों द्वारा एक कोचिंग सेंटर को आ’ग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान उसमे बच्चे भी मौजूद थे। कोचिंग सेंटर के मालिक विनोद जोशी ने बताया कि दं’गाइयों ने दोनों ओर के गेट पर आ’ग लगा दी थी। बच्चे अंदर थे। आ’ग फैलती गई। किसी तरह से आसपास की मदद लेकर सबको सुरक्षित निकाला। विनोद कहते हैं कि कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा। अब भी डर लगता है।

शिव विहार से करीब 300 मीटर की दूरी पर जौहरीपुर में हिंदू परिवारों ने मुस्लिमों की दुकानें ज’लने से बचाईं। उन्होंने हिं’सा की खबरें मिलने के बाद उनकी दुकानों के बोर्ड उतार दिए थे ताकि पता न चल पाए कि यह मुस्लिमों की दुकानें हैं। शिव विहार के चमन पार्क इलाके में दं’गाइयों ने बिल्किस बानो की दुकान और मकान को आ’ग के हवाले कर दिया। उन्होंने बताया कि किसी तरह उनके परिवार ने अपनी जान बचाई।

वहीं इंदिरा विहार के एक मुस्लिम बाहुल्य इलाके में 3-4 हिंदू परिवार रहते हैं। वहां शिव मंदिर भी है। मुस्लिमों ने न मंदिर को कुछ होने दिया और न ही हिंदू परिवारों को। बताते चलें कि शिव विहार के सैकड़ों मुस्लिम परिवार इंदिरा विहार में बीते चार दिनों से शरण लिए हुए हैं।

महिलाओं ने कहा कि अब अपने घर जाने में भी डर लग रहा है। महिलाएं कलमा पढ़ रही हैं। वह कहती हैं कि पुलिस और सरकार से उम्मीद नहीं रही। अल्लाह से दुआ कर रहे हैं। अब सब वही बेहतर करेंगे। हिं’सा प्रभावित इलाकों में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की टीम मेडिकल हेल्प पहुंचा रही है। लोग उनसे इलाज करवा रहे हैं।


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