मरकज में शामिल हुए 960 विदेशी तबलीगियों की भारत में 10 साल के लिए नो एंट्री

तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों को 10 साल तक भारत में एंट्री नहीं मिलेगी। इन नागरिकों को 10 साल के प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन नागरिकों पर वीजा नियकों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है।

इन पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के शुरुआती दौर में इन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया और गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की। अबतक कुल 2,550 तबलीगी जामत के विदेशी सदस्यों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

काली सूची में डाले गए विदेशियों में माली, नाइजीरिया, श्रीलंका, केन्या, जिबूती, तंजानिया, दक्षिण, अफ्रीका, म्यांमार, थाईलैंड, बांग्लादेश, यूके ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं।

ये नागरिक तबलीगी जमात से जुड़े हैं और तबलीगी जमात के हेड क्वार्टर निजामुद्दीन मरकज़ में हुए एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान ये मरकज देश में कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बनकर उभरा था। इनमें से कुछ लोग जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए वे वहां से अपने गृह राज्य की यात्राएं की, जिसकी वजह से और ज्यादा कोरोना केस फैला।

गृह मंत्रालय के कार्यालय ने दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों को विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के तहत इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बीते 28 मई को तबलीगी जमात से जुड़े तीन देशों के 541 विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट में 12 आरोप पत्र दायर किए। कोर्ट 25 जून को मामले की सुनवाई करेगी। दिल्ली पुलिस इससे पहले 32 देशों के 374 विदेशी नागरिकों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर चुकी है।


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