बिलाल बाग के प्रदर्शनकारी बोले- कोरोना से सीएए-एनपीआर-एनआरसी ज्यादा ख’तरनाक

बेंगलुरु के बिलाल बाग में सीएए-एनपीआर-एनआरसी का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कोरोना वायरस को तुलना में सीएए-एनपीआर-एनआरसी ज्यादा ख’तरनाक करार दिया। वह भी ऐसे हालात में जब दुनिया भर में कोरोना को महामारी घोषित किया हुआ है।

बता दें कि ये लोग सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ पिछले 39 दिनों से विरोध कर रहे हैं। इंडिया टुडे से बातचीत में एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ”हम इस कोरोनावायरस के बारे में परेशान नहीं हैं। हमने इसके बारे में सुना और हम गर्म पानी पीकर देखभाल कर रहे हैं। हम कोल्ड ड्रिंक पीने से बच रहे हैं लेकिन फिर भी हमें लगता है कि कोरोनोवायरस इन तीनों वायरस से इतना खतरनाक नहीं है। सरकार ने हमें सड़कों पर पीड़ित करने के लिए बनाया है। ”

एक अन्य प्रदर्शनकारी, एक मेडिकल छात्र, ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी कोविद -19 के कारण घर पर बैठते हैं, तो उन्हें सीएए, एनआरसी और एनपीआर की वजह से अंततः देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुधाकर ने कहा कि कोविद -19 के प्रकोप से निपटना सिर्फ सरकार का कर्तव्य और जिम्मेदारी नहीं है, जनता को भी सहयोग करना चाहिए। बिलाल बाग विरोध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री से चर्चा करूंगा और फिर उस पर कार्रवाई करूंगा।” बिलाल बाग के प्रदर्शनकारियों ने कोविद -19 डू के पोस्टर्स लगाए हैं।

बता दें कि देश के कई हिस्सों में सीएए-एनआरसी के विरोश में विरोध-प्रदर्शन जारी है। सरकार ने 50 लोगों के एक साथ जमा होने पर पाबंदी लगा दी है।


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