बंधक बनाए भारतीय नागरिक को नेपाल पुलिस ने छोड़ा, युवक ने सुनाई आपबीती

सीतामढ़ी. सीमा पर गोलीबारी करने के बाद बंधक बनाए गए भारतीय नागरिक को नेपाल पुलिस (Nepal Police) ने छोड़ दिया है। नेपाल पुलिस की इस अधाधुंध फायरिंग (Nepal Police Firing) की थी। इसमें चार लोगों को गोली लगी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौ’त हो गई थी।

न्यूज़ 18 के अनुसार, रिहा हुए लगन राय ने उनका बेटा नेपाल की सीमा में था और वह ससुराल के परिजनों से मिलने नेपाल के सरलाही में था। उन्होने कहा, ‘मेरे लड़के ने बताया कि समधियाने से लोग आए हैं, तो मैं भी चला गया। इसी क्रम में बेटे ने बताया कि उसे नेपाल पुलिस ने मारा है।’

लगन राय ने आगे कहा, ‘मैंने नेपाल पुलिस से बस इतना कहा कि अपने ससुरालवालों से मिलने आया है, आपको नहीं मारना चाहिए था। इसपर कुछ बहस हुई जिसके बाद से ही नेपाल पुलिस उग्र हो गई और थाने से कुछ सिपाहियों को बुलवा लिया और अचानक 5-7 फायरिंग कर दी।’

लगन राय ने कहा, फायरिंग के बाद लोग जमा हुए तो नेपाल पुलिस के जवान लाठियों से मारने-पीटने लगे और इसके बाद अचानक दनादन गोलियां दागने लगी। इस फायरिंग में जानकीनगर टोला लालबंदी निवासी नागेश्वर राय के 25 वर्षीय पुत्र विकेश कुमार की जान चली गई। वहीं, विनोद राम के पुत्र उमेश राम व सहोरवा निवासी बिंदेश्वर शर्मा के पुत्र उदय शर्मा घाय’ल हैं। इसी दौरान नेपाल पुलिस ने लगन राय को अपने हिरासत में ले लिया।

बिहार के सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए गए लगन राय नाम के व्यक्ति की रिहाई के लिए बिहार सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार और नेपाल अथॉरिटी के संपर्क की भी बात सामने आई।


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