बिहार डीजीपी बोले – लॉकडाउन में बिगाड़ा सांप्रदायिक सौहार्द्र तो चपरासी भी नहीं बन पाओगे

निज़ामुद्दीन मरकज मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया के जरिये बड़े पैमाने पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ विवादास्पद पोस्ट की जा रही है। जिससे सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ने का अंदेशा है। ऐसे में अब बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने ऐसे लोगों को कड़ी चेतावनी दी है।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने  कहा कि कोरोना संकट या किसी भी समय कोई भी व्यक्ति अगर बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द्र  बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसे नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ेगा उनकी छवि हम खराब करके रख देंगे। उसका नाम ना सिर्फ गुंडा रजिस्टर में दर्ज होगा, बल्कि वे जेल जाएंगे।

उन्होने आगे कहा, उस व्यक्ति को सरकारी या प्राइवेट नौकरी मिलने में दिक्कत होगी, क्योंकि उनका कैरेक्टर सर्टिफिकेट ही खराब हो जाएगा। इसके अलावा न तो वे ठेकेदारी कर पाएंगे न ही हथियार का लाइसेंस मिलेगा। उल्टा उनके घर मे अगर लाइसेंसी हथियार होंगे तो वह भी कैंसिल कर दिया जाएगा।

उन्होंने सोशल मीडिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर भी सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों पर भारी मुकदमा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित को नेपाल से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की साजिश को लेकर बॉर्डर पर एसएसबी और बिहार पुलिस निगरानी तेज कर दी है।

डीजीपी ने कहा कि बिहार और नेपाल के बॉर्डर पर एसएसबी के अलावा बिहार पुलिस के जवान तैनात हैं। उन्होंने कहा कि कोरस बॉर्डर होने के कारण एक-एक आदमी को रोकना मुश्किल है लेकिन बिहार के लोग अब जाग चुके हैं और गांव के लोगों को ही गांव में रहने दे रहे हैं ना कि बाहर के लोगों को गांव में घुसने दे रहे हैं।


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