बाल आयोग ने शाहीन स्कूल के बच्चों से पुलिस पूछताछ को बंद करने को कहा

कर्नाटक के बीदर में नागरिकता कानून के खिलाफ ड्रामे को लेकर की जा रही बच्चों से पुलिस पूछताछ पर कर्नाटक बाल अधिकार कमीशन ने कड़ा रुख अपनाया है। कमीशन ने जिला पुलिस को कई नियमों और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

कर्नाटक स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (KSPCR) के चेयरमैन डॉक्टर एंटोनी सेबेस्टियन ने बीदर पुलिस के अधिकारियों को एक पत्र लिखा है। जिसमें एसपी, डिप्टी कमिश्नर और डीजीपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

पत्र में लिखा गया है कि शाहीन प्राइमरी स्कूल में पुलिस जांच के नाम पर ‘डर का माहौल’ बनाया गया है। पत्र में कहा गया है कि पुलिस को तुरंत स्कूली बच्चों से पूछताछ बंद कर देनी चाहिए।

KSPCR का मानना है कि बीती 30 जनवरी को महिला औ स्कूल की हेड मिस्ट्रेस की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने महिला के 9 साल के बच्चे की निगरानी पड़ोसी से करायी और इस संबंध में स्थानीय चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी को भी सूचित नहीं किया, जो कि नियमों का उल्लंघन है।

चाइल्ड राइट कमीशन ने इस मामले में दो सदस्यीय पैनल से जांच करायी। पैनल ने चाइल्ड राइट एक्सपर्ट डॉ. जयश्री की अध्यक्षता में बच्चों के परिजनों, स्कूल के अधिकारियों, बच्चों और पुलिसकर्मियों से बातचीत, सीसीटीवी फुटेज और फोटोग्राफ के आधार पर कहा है कि पुलिस ने स्कूल में बच्चों के अधिकारों का साफ उल्लंघन किया है।

चाइल्ड राइट कमीशन के अध्यक्ष एंटोनियो सेबेस्टियन का कहना है कि हमने पुलिसकर्मियों द्वारा बच्चों से पूछताछ करने की तस्वीरें देखी हैं। जब बच्चों से पूछताछ हो, तो उस वक्त बच्चों के परिजन मौजूद रहने चाहिए।

कमीशन के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद कई बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। KSPCR ने बीदर पुलिस को कहा है कि जब अदालत में बच्चे की मां की जमानत अर्जी पर सुनवाई हो तो पुलिस बच्चे के बारे में भी कोर्ट को बताए।


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