बरेली शरीफ से ऑनलाइन मनाया जाएगा दुसरा सालाना उर्स-ए-ताजुश्शरिया

बरेली: सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के सबसे बड़े मजहबी रहनुमा हुजूर ताजुश्शरिया मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रज़ा खाँ उर्फ अज़हरी मिया का दुसरा सालाना उर्स-ए-ताजुश्शरिया का आगाज़ बड़ी सादगी से चँद लोगो की मौजूदगी में 27 जुन शनिवार को बाद नमाज़-ए-असर परचम कुशाई से होगा, जो सैलानी स्थित हुसैन चौक से निकारा जाएगा और दुसरा परचम कुशाई आजमनगर से निकारा जाएगा। जो दरगाह ताजुश्शरिया पर उलमा-ए-इकराम के हाथो पेश किया जाएगा।

एक रोज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया का कार्यक्रम दरगाह ताजुश्शरिया के साज्जादानशीन व काज़ी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खाँ कादरी की सरपरस्ती और जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उर्स प्रभारी सलमान मिया की निगरानी व उलमा-ए-इकराम की मौजूदगी में खानकाह ताजुश्शरिया पर कुल शरीफ मनाया जाएगा।

जमात के प्रवक्ता समरान खान ने बताया हुजूर ताजुश्शरिया का उर्स इस बार एक दिन का ही मनाया जाएगा। चूंकी इस बार कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी की महामारी पुरे दुनिया में फैली हुई है। इसलिए उर्स का कार्यक्रम बरेली शरीफ से पुरी दुनिया में ऑनलाइन होगा। पिछ्ले साल दो रोज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया 9 व 10 जुलाई को मदरसा जामियातुर रज़ा सीबीगंज में मनाया गया था।

इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए येह फैसला लिया गया है कि एक रोज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया बड़ी सादगी के साथ खानकाह ताजुश्शरिया पर 28 जुन बरोज़ इतवार को मनाया जाएगा और सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रज़ा मे भी उर्स-ए-ताजुश्शरिया की रस्म की आदयेगी की जाएगी। इस बार उर्स का पोस्टर भी सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ही जारी किया गया था। जो सोशल मीडिया के मध्यम से मुरीदों व चाहने वालों तक भेजा जा चुका है।

उर्स के पोस्टर के मध्यम से यह भी एलान किया गया है कि तमाम अहले सुन्नत को इत्तिला दी जाती है के मौजुदा हालात के पेशे नज़र इस साल उर्स-ए-ताजुश्शरिया चँद लोगो की मौजूदगी में फ़ातिहाख्व़ानी के तौर पर मनाने का फैसला किया गया है। लिहाज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया अपने-अपने घरों या इलाकों में ही फ़ातिहाख्वानी का एहतिमाम करें और पोस्टर में दीए गए लिंक पर पुरे दिन के प्रोग्राम का लाइव प्रसारण सुन सकेंगें।

उर्स का कार्यक्रम 28 जून रविवार को बाद नमाज़े फ़जर कुरानख्वनी व नात-व-मनक़वत की महफिल सजाई जाएगी दरगाह ताजुश्शरिया पर। फिर हुजूर ताजुश्शरिया के वालिद हुजूर मुफस्सीरे आज़म हिन्द इब्राहिम रज़ा खाँ (जिलानी मिया) के कुल शरीफ की रस्म सुबह 7 बजकर 10 मिंट पर अदा की जाएगी। इसके बाद नमाजे असर नात-व-मनक़वत फिर उलमा-ए-इकराम की तकरीर होगी। शाम को 7 बजकर 14 मिंट पर हुजूर ताजुश्शरिया मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रज़ा खाँ (अज़हरी मियाँ) का कुल शरीफ होगा। मुफ्ती असजद मिया की खुसूसी दुआ के साथ एक रोज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया का समापन हो जाएगा।


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