बद्रीनाथ धाम को मुस्लिमों का बताया था धार्मिक स्थल, मौलाना पर हुआ केस दर्ज

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के दारुल उलूम देवबंद के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी के खिलाफ पु’लिस ने एफ़आईआर दर्ज की है। उनके खिलाफ ये एफ़आईआर बद्रीनाथ धाम को मुस्लिमों का धार्मिक स्थल बताने पर की गई है।मौलाना के खिलाफ IPC की धारा 153ए, 505, और IT एक्ट की धारा 66F के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई।

हाल ही में मौलाना कासमी का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें मौलाना कह रहे हैं कि वो बद्रीनाथ नहीं बल्कि बदरुद्दीन शाह हैं। ये मुस्लिमों का धार्मिक स्थल है, इसलिए इसे मुस्लिमों के हवाले कर दिया जाना चाहिए। उन्होने सवाल भी उठाया कि अगर उसमें नाथ लगा है तो वो हिंदू हो गया क्या, वे बदरुद्दीन शाह हैं।

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मौलाना ने प्रधानमंत्री मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि बद्रीनाथ धाम को मुस्लिमों के हवाले कर दिया जाए। वो मुसलमानों का धार्मिक स्थल है। इसलिए वह मुसलमानों को दिया जाना चाहिए। उन्होने ये भी कहा कि बद्रीनाथ जल्दी ही मुसलमानों को दिया जाए नहीं तो मुसलमान मार्च करेंगे।

ये वीडियो 2017 का बताया जा रहा है। वीडियो के वायरल होने के कुछ दिन बाद का भी एक अन्य वीडियो भी सामने आया है। जिसमे वह माफी मांगते नजर आ रहा है। वीडियो में मौलाना कह रहा है कि वीडियो पुराना है और वह अपने हिन्दू भाइयों से इसके लिए माफी मांगते हैं।

मामले में अब देहरादून पुलि’स ने कहा है कि इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है और वायरल वीडियो को जांच के लिए भी भेजा जाएगा।

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