तेल से कमाए 50 अरब डॉलर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हो इस्तेमाल: पनगढ़िया

NITI आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए मोदी सरकार से दुनियाभर में कच्चे तेल की कम हुई कीमतों से हुई कमाई का कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल करने की अपील की है। पनगढ़िया के मुताबिक, इस फायदे को आम लोगों तक सीधा कैश ट्रांसफर के जरिए पहुंचाना चाहिए।

उन्होने कहा, कोरोनावायरस संकट आकस्मिक रूप से ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर में तेल के दाम लगातार गिर रहे हैं। 1 मार्च से अब तक तेल के दामों में करीब 30% की कमी आई है। जिस तरह भारत बड़े स्तर पर कच्चे तेल का आयात करता है, उस लिहाज से जब-जब तेल के दाम 10 डॉलर प्रति बैरल नीचे गिरे, तब भारत ने 15 अरब डॉलर (करीब 1.13 लाख करोड़ रुपए) बचाए। जब तेल के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल से गिर कर 30 डॉलर प्रति बैरल पहुंचे, तो भारत को करीब 50 अरब डॉलर (3.80 लाख करोड़ रुपए) का फायदा हुआ।

पनगढ़िया ने कहा कि अगर इसके आधे को भी ज्यादा एक्साइज टैक्स के साथ राजस्व में बदल दें तो सरकार के पास अतिरिक्त खर्च के लिए भी राजस्व निकल आएगा। ऐसे में भारत को वित्तीय घाटा लक्ष्य 3.5% के आसपास बना रहेगा।

वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और प्रधानमंत्री को आर्थिक मामलों पर सलाह देने वाली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सी रंगराजन के मुताबिक, कोरोनावायरस के प्रभाव के बगैर भी इस वित्तीय वर्ष का घाटा बढ़ने के आसार थे। अब वायरस के असर के बाद इससे बचाव, टेस्टिंग और हेल्थकेयर के लिए सरकार को खर्च बढ़ाना पड़ेगा, जिससे वित्तीय घाटा बढ़ेगा। इसलिए अर्थव्यवस्था के उभरने की संभावनाएं सीमित हैं।

उन्होने कहा, अर्थव्यवस्था को पटरी में लाने के लिए सरकार ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल उत्पादों पर लगी एक्साइज ड्यूटी से जुटाई गई राशि के बारे में सोचा जा सकता है। कुछ राज्य कोरोनावायरस से लोगों को बचाने के लिए कड़े प्रतिबंध भी लगा रहे हैं।


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