भारत की कोवैक्सीन को अमेरिका ने किया नामंजूर, EUA पहले ही कर चुका इंतजार

अमेरिकी नियामक ने भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ को इमर्जेंसी इस्तेमाल की मंजूरी नहीं दी है। दरअसल एफडीए ने भारत के आवेदन को नामंजूर करने के लिए क्लीनिकल ट्रायल से संबंधित और अधिक आंकड़ों के साथ डेटा मांगा है।

अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  (FDA) से भारत बायोटेक की अमेरिकी साझेदार ओक्यूजेन इंक ने इस वैक्सीन के आपात प्रयोग की अनुमति मांगी थी। ओक्यूजेन अमेरिका की एक बायोफार्मा कंपनी है, जो अमेरिकी बाजार के लिए हैदराबाद स्थित बायोटेक के साथ कोवैक्सीन बनाने का काम कर रही है।

ओक्यूजेन ने NYSE को दिए एक बयान में कहा, ‘एफडीए ने ओक्यूजेन को कंपनी के मास्टर फाइल के बारे में फीडबैक दिया। एफडीए ने ओक्यूजेन को सलाह दी कि उसे अपने वैक्सीन कैंडिडेट के इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन की बजाय BLA के लिए आवेदन करना चाहिए। एफडीए ने वैक्सीन पर अतिरिक्त जानकारी और डेटा भी मांगा है।’

वहीं मंजूरी न मिलने पर भारत बायोटेक ने कहा है कि 14 देशों में उसे इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन के लिए मिल चुकी है। अभी 50 से ज्यादा देशों में प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा भारत से निर्मित या विकसित किसी भी वैक्सीन को कभी भी EUA या USFDA से पूर्ण लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है।

ओक्यूजेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर शंकर मुसुनुरी ने कहा, ‘भले ही हमें वैक्सीन लाने में देरी हो लेकिन हम अमेरिका में कोवैक्सीन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’