No menu items!
29.1 C
New Delhi
Saturday, October 23, 2021

पेगासस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा – अगर मीडिया रिपोर्ट सही तो आरोप गंभीर

पेगासस मामले में सुप्रीम कोर्ट एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर मीडिया रिपोर्ट सही है तो ये आरोप बेहद ही गंभीर है। बता दें कि याचिका में विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और अन्य लोगों की जासूसी का आरोप लगाया गया है।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। जस्टिस सूर्यकांत बेंच के दूसरे जज हैं। सीजेआई रमना ने कहा, 2019 में स्नूपिंग की खबरें आईं, मुझे नहीं पता कि अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कोई प्रयास किया गया था या नहीं। मैं प्रत्येक मामले के तथ्यों में नहीं जा रहा हूं, कुछ लोगों का दावा है कि फोन इंटरसेप्ट किया गया था। शिकायतों के लिए टेलीग्राफ अधिनियम है।”

याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के जवाब में सीजेआई रमना ने यह टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि पेगासस एक दुष्ट तकनीक है जो हमारी जानकारी के बिना हमारे जीवन में प्रवेश कर भारतीय गणराज्य की गोपनीयता, गरिमा और मूल्यों पर ह’मला करती है।

द वायर सहित कई प्रमुख प्रकाशनों से जुड़ी वैश्विक मीडिया जांच ने खुलासा किया है कि भारत के 300 फोन एनएसओ के लीक डेटाबेस पर संभावित लक्ष्यों की सूची में थे, जिसे इजरायली स्पाइवेयर पेगासस की आपूर्ति की गई। हालांकि, यह साबित नहीं हुआ है कि सभी फोन हैक किए गए थे।

इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गईं, एक सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने और दूसरी एडवोकेट एमएल शर्मा ने। इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार ने जासूसी के आरोपों की पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग की थी।

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने दो दिन पहले दायर अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से स्पाइवेयर अनुबंध पर सरकार से विवरण और लक्षित लोगों की सूची मांगने का अनुरोध किया था।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Get in Touch

0FansLike
2,988FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Posts