गहलोत सरकार का बड़ा फैसला – कोरोना के लिए राज्य के सभी लोगों की होगी स्क्रीनिंग

राजस्थान में बुधवार को कोरोना संक्रमण के 27 नए केस मिले। इनमें 13 जयपुर, सात चूरू, चार टोंक, दो जोधुपर और एक अलवर का है। राज्य में अब संक्रमितों की संख्या 120 पर पहुंच गई है। ऐसे में अब गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी साढ़े सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है। स्क्रीनिंग के दौरान कोरोना संक्रमण की शंका होने पर सैंपल टेस्टिंग भी करने का निर्णय लिया।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा 27 हजार लोगों की टीमें घर-घर जाकर एक्टिव सर्विलांस में लगी हुई हैं और घर-घर जाकर सर्वे और स्क्रीनिंग का काम कर रही है। टीम ने अब तक 92 लाख 9686 घरों का सर्वे कर 3 करोड़ 86 लाख 23 हजार लोगों का सर्वे कर उनकी स्क्रीनिंग कर चुके हैं। सर्वे और स्क्रीनिंग का काम निरंतर जारी है। हमारा लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत स्क्रीनिंग हो ताकि संदिग्ध केसेज की पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लोगों के सैंपल लेकर उनकी जांच हो जाए ताकि कोरोना प्रदेश मेन पैर ना पसार सके।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में कोरोना संक्रमण बाहर से आने वाले लोगों की वजह से फैला है। दिल्ली के एयरपोर्ट पर ये उतरे और अपने निजी साधनों के जरिए अपने-अपने घर आ गए। इन लोगों के ट्रैवेल प्लान की कोई जानकारी नहीं मिली और न ही हमें ये जानकारी है कि इनकी दिल्ली में स्क्रीनिंग हुई है कि नहीं। राजस्थान के सभी केस बाहर से आए हैं।

रघु शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के बाद भारी संख्या में लोग वापस राजस्थान आए हैं। ऐसे में हम अब सभी की जांच करना चाहते हैं ताकि एक भी शख्स स्क्रीनिंग से न रह जाए, क्योंकि अगर किसी एक भी सदस्य में कोरोना संक्रमण रह गया तो हम इस महामारी को मात नहीं दे पाएंगे। इसीलिए हम किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरतना चाहते हैं। बता दें कि राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ है। यहां अब तक 26 संक्रमित मिल चुके हैं, जबकि संक्रमण से 2 लोगों की मौ’त हो चुकी है।


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