कोरोना: अजमेर दरगाह में सिर्फ दाे गेट से होगी एंट्री, जायरीन से की जा रही लौटने की अपील

काेराेना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए उठाये जा रहे कदमों के तहत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में भी कुछ पाबंदिया लगाई गई है। जिला कलेक्टर विश्व माेहन शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया कि दरगाह के दाे गेट ही खुले रखे जाएंगे।

बता दें कि दरगाह में प्रवेश के लिए सात अलग-अलग गेट हैं, वहीं कुछ छाेटे गेट भी हैं। इसके साथ ही दरगाह के आसपास स्थित सभी बाजार 20 और 21 मार्च काे बंद रखने पर व्यापारिक संघों ने स्वैच्छिक सहमति दी है। इसके साथ ही बाहर से आए हुए जायरीन से अपने घर लौट जाने के लिए कहा जा रहा है। जिन लोगों ने दरगाह आने का कार्यक्रम बना रखा है, उनसे दरगाह यात्रा टालने की अपील की जा रही है।

वहीं अजमेर में तारागढ़ पर स्थित मीरा साहब की दरगाह में किसी तरह की व्यवस्थाएं नहीं की जा रही हैं। न ही स्क्रीनिंग की जा रही है और न ही लोगों की जांच की जा रही है जबकि रोजाना हजारों की संख्या में जायरीन मीरा साहब की मजार में जियारत के लिए पहुंच रहे हैं।

यहां पर 15 सौ से अधिक मकान हैं, जहां पर हजारों की संख्या में लोग निवास करते हैं। ऐसे में सभी ने प्रशासन से मांग की है कि वह उचित व्यवस्था करें, जिससे कि जायरीन परेशान न हो हालांकि सभी दरगाह में दुआ कर देश और दुनिया में अमन-चैन और सुख शांति की मांग कर रहे हैं।

यह किए जा रहे हैं प्रयास

-दरगाह के केवल दो गेट (निजाम गेट और छतरी गेट) खुले रहेंगे

-दरगाह में जायरीन को रुकने नहीं दिया जाएगा

-नमाज घरों में ही पढऩे की अपील की जा रही है।

-दरगाह कमेटी का गेस्ट हाउस खाली करवाया जा रहा है

-दरगाह क्षेत्रों के होटलों को भी खाली करवा दिया जाएगा

-दरगाह में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।

-दरगाह क्षेत्र के बाजार दो दिन बंद रखे जाएंगे


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