छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने दुनिया को कहा अलविदा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से नि’धन हो गया। वह 20 दिन से रायपुर के अस्पताल में भर्ती थे। उनके निध’न की जानकारी उनके बेटे अमित जोगी ने दी। अमित जोगी ने ट्वीट किया, वेदना की इस घड़ी में मैं निशब्द हूं। परम पिता परमेश्वर माननीय अजीत जोगी जी की आत्मा को शांति और हम सबको शक्ति दे। उनका अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि गौरेला में कल होगा।

आदिवासी समाज से आने वाले अजीत जोगी का जीवन संघर्ष से भरा रहा। गांव की गलियों में नंगे पांव पले बढ़े और मिशनरी की मदद से शिक्षा पूरी कर पहले इंजीनियरिंग फिर यूपीएससी की परीक्षा पास कर कलेक्टर बने। अजीत जोगी IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए थे। सालो तक कांग्रेस के बड़े नेताओ में शुमार रहे और बाद में अपनी अलग पार्टी के साथ छत्तीसगढ़ की राजनीती में नया समीकरण बैठाया।

नौकरशाह से राजनेता बने अजित जोगी, छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के बंटवारे के बाद वह नवंबर 2000 से नवंबर 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। अजीत जोगी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने कहा, ”श्री अजीत जोगी जी को जनसेवा का शौक था। इस जुनून में उन्हें नौकरशाह और एक राजनीतिक नेता के रूप में कड़ी मेहनत की। वह गरीबों, विशेषकर आदिवासी समुदायों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत रहे। मैं उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना।”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अजीत जोगी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जी के निधन से दुखी हूं। मैं उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और इस कठिन घड़ी में उनके परिजनों को संबल प्रदान करें।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हम सभी प्रदेशवासियों की यादों में अजीत जोगी सदैव जीवित रहेंगे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा अजीत जोगी का निधन बेहद दुखद। राषट्रपति ने अपने ट्वीट में लिखा, जोगी एक सक्षम प्रशासक थे।


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