बाबरी मस्जिद शहा’दत मामले में दर्ज होगा आडवाणी और जोशी का बयान

नई दिल्ली: सीबीआई की विशेष अदालत ने बाबरी मस्जिद की गिरने से जुड़े मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी के कोर्ट के सामने बयान दर्ज करने का निर्देश देते हुए तिथि नियत कर दी है।

विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र यादव ने 21 जुलाई को आरोपित रामचंद्र खत्री का बयान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने के लिए आदेश दिया। कोर्ट ने 22 जुलाई को आरोपित सतीश प्रधान, 23 जुलाई को डॉ. मुरली मनोहर जोशी और 24 जुलाई को लालकृष्ण आडवाणी के बयान दर्ज कराने के आदेश जारी किए। कहा कि आरोपितों के अधिवक्ताओं को समय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिंक की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

बता दें कि 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह सीबीआई के विशेष जज के समक्ष बयान देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने आप को निर्दोष बताया था। बाबरी विध्वंस मामले में 32 आरोपियों का बयान दर्ज किया जा चुका है। ताकि अगर वे चाहें तो अपनी बेगुनाही साबित कर सकें।

अयोध्या में बाबरी मस्जिद 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों द्वारा ढहाई दी गई थी। उस वक्त लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख कर्ता-धर्ता थे। सीबीआई की विशेष अदालत, उच्च्तम न्यायालय के आदेश पर इस मामले की सुनवाई रोजाना कर रही है और 31 अगस्त तक इसे पूरा करना है।

वहीं दूसरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण के शिलान्यास-भूमि पूजन (Foundation Stone) के दौरान 5 अगस्त को सुबह 11 से दोपहर 1:10 बजे के बीच अयोध्या में रहेंगे।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE