घर भेजने की मांग पर सूरत में प्रवासी मजदूरों का हंगामा, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

गुजरात के सूरत में एक बार फिर प्रवासी मजदूर घर भेजने की मांग पर सड़कों पर उतर आए और हँगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने जब उन्‍हें समझाने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए और पथराव करना शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।

आज तक के मुताबिक, कडोदरा इलाके में रहने वाले मजदूर कई दिनों से घर जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से बार-बार भरोसा दिया जा रहा था। मजदूर आज आपा खो दिए और घरों से बाहर निकलकर हंगामा करने लगे। मजदूरों ने ना सिर्फ हंगामा किया बल्कि आस-पास खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की। मौके पर पुलिस टीम पहुंच गई है।

आक्रोशित प्रवासी मजदूरों ने पुलिस पर भी पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। घटना में किसी के घाय’ल होने की खबर नहीं है।

इससे पहले खाजोड़ में तैयार की जा रही एशिया की सबसे बड़ी डायमंड बोर्स में 28 अप्रैल को काम कर रहे मजदूरों ने जमकर हंगामा किया था। लॉकडाउन के बावजूद काम लिए जाने से मजदूरों में गुस्सा है। मजदूरों ने बोर्स के कार्यालय पर पथराव और तोड़फोड़ कर दी थी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें खाना नहीं मिल पा रहा है। वे घर भेजे जाने की मांग कर रहे थे। यहां डायमंड बोर्स में करीब 4 हजार मजदूर काम कर रहे हैं।

प्रवासी मजदूर 10 अप्रैल को हंगामा कर चुके हैं। मजदूरों का आरोप था कि उन्हें पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा है। कोरोनावायरस संकट के दौरान वे यहां असुरक्षित हैं। तब किसी तरह पुलिस ने मजदूरों को समझाकर शांत किया था।


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