ईरान से जोधपुर लाये गए 277 भारतीय, आइसोलेशन में ठहराए गए

कोरोनावायरस से प्रभावित ईरान में फंसे कुल 277 भारतीयों को स्वदेश वापस ले आया गया है। वे बुधवार सुबह को जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे। उनके आगमन के बाद हवाई अड्डे पर उनकी प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद उन्हें जोधपुर मिल्रिटी स्टेशन में स्थापित भारतीय सेना के आइसोलेशन सेंटर में ठहराया गया।

भारतीय सेना ने बयान दिया, “राजस्थान स्टेट मेडिकल के अधिकारियों और जोधपुर के नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर तालमेल के साथ सेना ने एक आरामदायक आइसोलेशन की व्यवस्था और और रोग निरोधी चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पर्याप्त चिकित्सा और प्रशासनिक व्यवस्था की है।”

आइसोलेशन में ठहराए गए लोगों की चिकित्सा में सेना के डॉक्टरों की एक टीम को तैनात किया गया है, जो आइसोलेशन में रहने के दौरान प्रवासियों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखेंगे। भारतीय रक्षा बलों ने पूरे देश में करीब 5000 लोगों के लिए आइसोलेशन वार्ड की स्थापना की है, जहां उन लोगों को रखा जाएगा, जो कोरोनावायरस प्रभावित देशों से आ रहे हैं या जिनके इस वायरस से संक्रमित होने का संदेह है।

इससे पहले ईरान से ही अलग-अलग बैच में करीब  389 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। हालांकि ईरान में फंसे लगभग 900 मछुआरे भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं, और उन्होंने भारत सरकार से जान बचा लेने की गुहार लगाई है। लेकिन सरकार की तरफ से इस दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया हैईरा

न में फंसे इन मछुआरों में से 700 मछुआरे अकेले तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के हैं। इनमें से 200 मछुआरों की हालत बहुत अधिक दयनीय हो गई है, क्योंकि ये लोग कोरोनावायरस से तो दूर हैं, लेकिन उन्हें जिंदा रहने के लिए न्यूनतम राशन भी नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते उनकी हालत दिनोदिन खराब होती जा रही है।


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