कोरोना संकट के बीच देश में 2.7 करोड़ युवा हो गए बेरोजगार: CMIE

कोरोना संकट के बीच देश में 2.7 करोड़ युवा ने अपनी नौकरी और रोजगार गवा दिये है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) का कहना है कि 20 से 30 वर्ष की आयु के 2.7 करोड़ (27 मिलियन) युवाओं ने अप्रैल 2020 में कोरोना वायरस प्रसार के बाद लागू लॉकडाउन की वजह से अपनी नौकरी खो दी.

सीएमआईई की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार 10 मई को समाप्त हुए सप्ताह के लिए बेरोजगारी दर 27.1 फीसदी से 24 फीसदी तक गिर गई, जबकि सरकार की श्रम वृद्धि दर कुछ कारोबार खोलने से 36.2 फीसदी से बढ़कर 37.6 फीसदी हो गई. रोजगार दर भी 26.4 फीसदी से बढ़कर 28.6 फीसदी हुई है.

सीएमआईई के उपभोक्ता पिरामिड घरेलू सर्वेक्षण के डेटा से पता चलता है कि नौकरियां खोने में 20 से 24 वर्ष की आयु के युवाओं की संख्या 11 फीसदी है. CMIE के अनुसार 2019-20 में देश के कुल 3 करोड़ 42 लाख (34 2 मिलियन) युवा काम कर रहे थे जो अप्रैल में 2.9 करोड़ रह गए हैं. इसी तरह 25 से 29 वर्ष की आयु में 1.4 करोड़ (14 मिलियन) लोगों ने अपनी नौकरियां खो दी. सीएमआईई का मानना है कि 27 मिलियन युवाओं की नौकरियां जाने के दीर्घकालिक नतीजे होंगे.

अप्रैल महीने तक कुल 12.15 करोड़ लोगों ने अपना रोजगार खो दिया. जिनमें 9.13 करोड़ दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी हैं. कहा गया है कि 1.82 करोड़ व्यवसायियों का काम खत्म हुआ है. जबकि 1.78 करोड़ सैलरी पर काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों का रोज़गार अप्रैल महीने ख़त्म हो गया.

मालूम हो कि सीएमआईई की साप्ताहिक श्रृंखला के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से बेरोजगारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और यह 29 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान 23.81 प्रतिशत थी. सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मासिक बेरोजगारी की दर 23.52 प्रतिशत थी. आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के अंत में दक्षिण भारत में पुदुचेरी में सबसे अधिक 75.8 प्रतिशत बेरोजगारी थी.


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