हरिद्वार में फंसे थे 1800 गुजराती, लग्जरी बसों से पहुंचाया गया गुपचुप अहमदाबाद

अहमदाबाद. देश में लगे लॉकडाउन के बीच यूपी-बिहार सहित देश केविभिन्न हिस्सों के मजदूरों को यातायात के साधन के अभाव में पैदल ही अपने घरों को लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं दूसरी और उत्‍तराखंड में फंसे गुजरात के 1800 लोगों को लग्जरी बसों से अहमदाबाद पहुंचाया गया।

गुजरात के मुख्यमंत्री के सचिव अश्वनी कुमार ने एक न्यूज एजेंसी को बताया- ‘गुजरात के अलग-अलग जिलों के करीब 1800 लोग हरिद्वार में फंसे हुए थे। केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के विशेष प्रयासों से इन लोगों को वहां से निकालकर इनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई।’ इसी व्यवस्था के चलते उत्तराखंड परिवहन की कई गाड़ियां हरिद्वार से अहमदाबाद पहुंची थी।

दिलचस्प है कि ये काम इतनी गोपनीयता से किया गया कि उत्तराखंड के परिवहन मंत्री तक को ये खबर नहीं लगी कि उनके विभाग की कई गाड़ियां लॉकडाउन के दौरान कई राज्यों की सीमाओं को पार करते हुए 1200 किलोमीटर के सफर पर निकल चुकी हैं।

27 मार्च को जारी एक आदेश से मालूम पड़ता है कि उत्तराखंड परिवहन की ये गाड़ियां सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के तहत गुजरात भेजी गई थीं। इनका उद्देश्य हरिद्वार में फंसे गुजरात के लोगों को उनके घर पहुंचाना था। वापस लौटते हुए यही गाड़ियां वहां फंसे उत्तराखंड के लोगों को लेकर आ सकती थी, लेकिन ऐसा कोई भी आदेश उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी नहीं हुआ।

इस खबर के सामने आने के बाद मोदी सरकार की तीखी आलोचना हो रही है। सवाल उठ रहा है कि देश भर में लॉक डाउन के चलते बार्डर सील कर दिये गए। प्रवासियों को जाने नहीं दिया जा रहा है। वहीं गुजरातियों के लिए स्पेशल परमिशन के जरिये भेजा जा रहा है। जो भेदभाव है।


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