केदारनाथ मंदिर में 16 लोगों को मिली जने की इजाजत, उठा सवाल – मस्जिद में सिर्फ पांच क्यों?

उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित भगवान शिव के धाम केदारनाथ मंदिर के कपाट पूर्व निर्धारित तिथि 29 अप्रैल को ही खोले जाएगे। कपाट खोले जाने के दौरान केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Mandir) के मुख्य पुजारी समेत महज 16 लोग ही मौजूद रहेंगे।

केदारनाथ के शीतकालीन प्रवासस्थल उखीमठ में मंगलवार को मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर लिंग ने धर्माचार्यों से सलाह मशविरा कर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 29 अप्रैली की सुबह 6:10 मिनट पर केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाने की घोषणा की।

केदारनाथ धाम की यात्रा को लॉकडाउन के चलते महज धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन हेतु संचालित किया जाएगा। प्रशासन केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी कर रहा है। जल्द ही बिजली, पानी और संचार सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। कोरोना महामारी के चलते केदारनाथ धाम में भीड़ भाड़ को अनुमति नहीं दी जाएगी।

बता दें कि केदारनाथ के कपाट खोलने को लेकर राज्य के धर्मस्व और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज (Satpal Maharaj) के बयान कि केदारनाथ के कपाट 14 मई को खुलेंगे से केदार तीर्थ पुरोहितों और पंडों के बीच विवाद बढ़ने लगा था।

इसके बाद इस विवाद पर लगाम लगाने को केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने मंगलवार सुबह सभी पक्षों की बैठक बुलाई। इस बैठक में मंदिर के कपाट को तय तिथि पर ही खोलने का फैसला किया गया।

इस फैसले को लेकर ट्विटर यूजर्स ने फैसले पर तंज कसा है। एक यूजर ने लिखा है, वाह सरकार वाह , मस्जिद में केवल 3 से 5 लोगों को अनुमति और मन्दिर में 16 लोगों को  पास वाह क्या इंसाफ है आपका ।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE