Home मध्य प्रदेश मुस्लिम महिला को नही मिल सकता हिंदू मेरीज एक्ट में पति से...

मुस्लिम महिला को नही मिल सकता हिंदू मेरीज एक्ट में पति से भरण-पोषण: हाई कोर्ट

1057
SHARE

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत मुस्लिम महिला को पति से भरण-पोषण दिलाने से साफ इंकार कर दिया। कोर्ट ने मुस्लिम कानून का देते हुए कहा कि शौहर कि मर्जी है अगर वह चाहे तो बीवी दे या न दे।

कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम महिला को अपने पति पर भरण-पोषण के लिए मुकदमा दायर करने का अधिकार है तभी है जब वह किसी भी वैध कारण के बिना उसे अपने पास रखने से मना कर देता है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सिरमौर की सिविल जज की अदालत में पति से अलग रह रही कनीज़ हसन ने गुजारा भत्ते के लिए याचिका दाखिल की थी। उसने हिंदू मैरेज ऐक्ट के सेक्शन 24 के तहत भरण-पोषण और कानूनी खर्च मांगा। जिस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि कनीज का पति उसे हर महीने 25000 रुपये भरण-पोषण देगा।

हालांकि कनीज़ के पति निचली अदालत के फैसले को जबलपुर हाई कोर्ट में चुनौती दी।कोर्ट ने दोनों पार्टियों को सुनने के बाद कहा, ‘दोनों पार्टियां मुस्लिम हैं। मुस्लिम लॉ में भरण-पोषण दिए जाने का कानून नहीं है। यह सिर्फ हिंदू मैरेज ऐक्ट में ही है। हालांकि अगर पत्नी आंतरिक भरण-पोषण चाहती है तो वह सीआरपीसी के सेक्शन 125 के तहत फैमिली कोर्ट में प्रार्थना पत्र डाल सकती है।’

कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट का केस रखा जिसमें जस्टिस शब्बीर अहमद शेख ने कहा था, ‘मुस्लिम महिला अंतरिम भरण-पोषण के लिए मुस्लिम लॉ के तहत तब वाद दायर कर सकती है जब उसका पति उसे निकाल दे और उसे भरण-पोषण देने से इनकार कर दे। जबकि हिंदू मैरेज ऐक्ट में भरण-पोषण मांगना एक महिला का वास्तविक अधिकार है।’

Loading...