Home मध्य प्रदेश मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी, परिजनों ने मांगा मृतकों के लिए न्याय

मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी, परिजनों ने मांगा मृतकों के लिए न्याय

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मध्य प्रदेश के मंदसौर में पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गई थी. लेकिन उनके परिजन आज भी न्याय का इन्तजार कर रहे है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने न्याय के नाम पर न्यायिक जांच आयोग तो बनाया था. लेकिन एक साल का अरसा गुजर जाने के बावजूद भी आयोग की रिपोर्ट का पता नहीं है. बता दें कि शिवराज सरकार ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की मदद की है.

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फायरिंग में मारे गए  22 साल के अभिषेक पाटीदार की मां कहती हैं, इंसाफ़ नहीं मिला. मेरा बेटा पुलिस की गोली से मरा है. जैन आयोग के बावजूद भी बेटे के हत्यारे को पकड़ा नहीं गया. ना कोई सज़ा दी. सीएम सर ने जो घोषणा की थी वो पूरी हो गई. उससे हमें कोई लेना देना नहीं है. नौकरी और पैसे से कुछ नहीं होता जब तक की उस हत्यारे को पकड़ा नहीं जाये. तब तक मेरे बेटे औऱ छह किसानों की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी.

वहीँ मृतक किसान कन्हैया लाल के परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री जी ने एक करोड़ रुपये दिये तो क्या वो भी कोई सम्मान नहीं. वो एक करोड़ रुपये नहीं चाहिये थे हमें. वो करोड़ रुपये देंगे तो क्या वो हमारे आदमी (पति) को वापस ला सकते हैं. अभी तक उन दोषियों का कुछ पता नहीं चला. बोले कि उनका पता करेंगे. साल भर हो गये उनका कुछ पता नहीं है. मुख्यमंत्री से फिर बात करना चाहिए.

दूसरी और शिवराज सरकार के कृषि राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार पुलिस फ़ायरिंग में मारे गये किसानों के परिवारों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. उनका कहना है कि जांच का विषय है और उसमें समय लगता है. जांच रिपोर्ट आने से कोई किसान के जीवित नहीं होगा. ये दुर्घटना थी. जैसे भूकंप आ गया. उसमें किसी को दोष देना ठीक नहीं है. उसकी गहराई से जांच कर रहे हैं कि कोई निर्दोष फंसे नहीं. किसने गोली चलाई. किन परिस्थितियों में चलाई. आयोग में समय लग रहा है. रिपोर्ट तो आना ही है.

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