Home महाराष्ट्र गंगा-जमुना की बातें केवल किताबों में, सेकुलरिज्म की बात है झूठी: ओवैसी

गंगा-जमुना की बातें केवल किताबों में, सेकुलरिज्म की बात है झूठी: ओवैसी

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने देश की मुस्लिमों से उत्तरप्रदेश के हापुड़ मे गौकशी का आरोप लगाकर की गई कासिम की हत्या से सबक लेने की अपील की है। उन्होने कहा कि अगर मुसलमान इस देश में धर्म निरपेक्षता को जिंदा रखना चाहते हैं, तो उन्हे अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। इसके लिए अपने लोगों यानि मुसलमानों को वोट देना होगा। अगर मुस्लिम पॉलिटिकल पावर बनते हैं तो लोकतंत्र और सेकुलरिज्म दोनों मजबूत होंगे।’

कासिम का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा, “रमजान का महीना खत्म नहीं हुआ कि हापुड़ में हमारे भाई कासिम जो बकरे का कारोबर करता है। उसको मार दिया गया। कासिम खेत में बैठकर अपने एक जानने वाले से बात कर रहा था। अचानक लोग इकट्टठा होकर उसे पीटने लगते हैं। ये झूठ बोल कर कि वो गाय कट रहा था। कासिम को इतना मारा जाता है। उसके पैर से गोश्त निकल जाता है। कासिम कहता है कि तुमने मुझे गाय के नाम पर मारा। कम से कम पानी दे दो, लेकिन किसी ने कासिम को पानी नहीं पिलाया। पूरी दुनिया ने देखा कि कासिम को पकड़कर ले जा रहे थे। मोदी भी देख रहे थे। मेरी आंखो से आंसू निकल गये। एक शेर को जब मध्य प्रदेश से उड़ीसा से ट्रांसफर किया जा रहा था तो उसे स्ट्रेचर पर लिटाया गया बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया।

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उन्होने सवाल उठाते हुए कहा, मैं हिंदुस्तान के भाइयो से कहना चाहता हूं कि आप से हाथ जोड़कर अपील कर रहा हूं। एक मुसलमान जिसने गाय को नहीं मारा उसको जमीन से खींचकर ले जा रहे हैं क्या ये इंसानियत है। कहां है हिंदू मुसलमान की एकता। कहां है गंगा जमुना की तहजीब। क्या ये भड़काउ भाषण है। ये सच्चाई है। मैं कासिम की मरी हुयी रुह से आपको बताना चाहता हूं। याद रखो अब देश में गंगा जमुना की तहजीब नहीं रही। ये सब सिर्फ किताबों में है।

ओवैसी ने कहा, कासिम की मौत आपको सोचने में मजबूर कर देगी। तुम आज भीड़ में बैठकर आंसू मत लाओ।। उठो जागो। सेक्युलरिज्म की बात झूठ है। तुम उठो, बेदार हो, सोचो 70 साल से मुसलमानों का सिर्फ इस्तेमाल किया जा रहा है। हमको डरा डरा कर रखे। सेक्युलरिज्म को बचाना है तो। हमें मां और बहन के नाम पर गाली दी गई। सिर्फ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया इस केस में। कासिम की मौत हो, या झारखंड में दो भाइयों की मौत हो। मोदी जी ये सब आपके दौर में हो रहा है। क्या यही है सबका साथ सबका विकास। अल्लाह कह रहा है कि अब मत डरो। तुम हमको कासिम बना दो, तुम जुनौद, पहलू , अलीमुद्दी , इसरात जहां कुछ भी हो जाये हम दीन ए इस्लान को नहीं छोड़ने वाले। मैं जब तक जिंदा रहूंगा मुजाहिद की तरह रहूंगा। मुझे तालियां नहीं चाहिये। बस इतना याद रखों अपने हक के लिये लड़ो।”

एआईएमआईएम के चीफ ने कहा कि गंगा-जमुना की बातें अब केवल किताबों में ही रह गई हैं। यहां बैठकर आंसू बहाने से कोई मतलब नहीं है, उठो, जागो, सेकुलरिज्म की बात झूठी है। हापुड़ केस में केवल दो लोगों की ही गिरफ्तारी हुई। एक व्यक्ति की मौत हो गई और केवल दो ही गिरफ्तार हुए।

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