UAE में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सरकार से नई मां’ग, कीमतें हो कम..

संयुक्त अरब अमीरात (यूएईए) में रहने वाले भारतीयों ने स्वदेश लौटने पर अपने खर्च से कोविड-19 जांच कराने के नियम में छूट देने की मांग की है। मीडिया में आई खबर के मुताबिक अनिवासी भारतीयों का कहना है कि महामारी में नौकरी छूटने की वजह से वे स्वदेश लौट रहे हैं और ऐसे में इस नियम से उनपर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अनिवासी भारतीयों ने अपने अवेदन में भारत सरकार से अनुरोध किया है कि स्वदेश आने पर आरटी-पीसीआर जांच का खर्च स्वयं वहन करने और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को यूएई और दुबई, 25 फरवरी संयुक्त अरब अमीरात (यूएईए) में रहने वाले भारतीयों ने स्वदेश लौटने पर अपने खर्च से कोविड-19 जांच कराने के नियम में छूट देने की मांग की है।

मीडिया में आई खबर के मुताबिक अनिवासी भारतीयों का कहना है कि महामारी में नौकरी छूटने की वजह से वे स्वदेश लौट रहे हैं और ऐसे में इस नियम से उनपर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अनिवासी भारतीयों ने अपने अवेदन में भारत सरकार से अनुरोध किया है कि स्वदेश आने पर आरटी-पीसीआर जांच का खर्च स्वयं वहन करने और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को यूएई और भारत में दो बार जांच कराने के नियम से छूट दे। यहां रह रहे कई सामुदा’यिक समूहों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस आवेदन का समर्थन किया है।

उल्लेखनीय है कि भारत ने 23 फरवरी से ही उड़ान भरने के 72 घंटे के भीतर आरटी-पीसीआर से जांच कराने और संक्रमण मुक्त होने का प्रमाण पत्र पेश करने के नियम को अनिवार्य बना दिया है। इसके साथ ही भारत आने पर यात्री को अपने खर्च पर एक बार फिर कोविड-19 जांच करानी होती है। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित अशरफ थमारास्सेरी ने कहा कि स्वदेश लौटने पर जांच के नियम से घर जा रहे भारतीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। शारजाह के प्रवासी बंधु वेलफेयर ट्रस्ट चलाने वाले केवी शम्सुदीन ने कहा कि उन्होंने लौटने पर अपने खर्च से जांच कराने के नियम को बदलने के लिए केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को पत्र लिखा है। खबर के मुताबिक कई अनिवासी भारतीय अपनी वापसी की यात्रा इस उम्मीद से टाल रहे हैं कि सरकार नियमों में बदलाव करेगी।