UAE सरकार भारतीय प्रवासी कर्मचारियों से संबंधित सूचना करदी जारी, अभी देखलें

सऊदी अरब और कुवैत जा रहे सैकड़ों भारतीय कामगार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंस गए हैं। दोनों देशों की ओर से कोविड-19 संबंधित यात्रा प्र’तिबं’धों में सख्ती किए जाने के बाद ये कर्मचारी यहां अटक गए हैं और इनमें से कई मुफ्त टिकट पर भी लौटने के इच्छुक नहीं है। पश्चिम एशिया के कई देशों को जाने वाले भारतीय कर्मचारी UAE के रास्ते जाते हैं। दुबई एयरपोर्ट ने पिछले साल 43 लाख भारतीय पैसेंजर को सेवा दी, जिनमें से अधिकतर मुंबई और दिल्ली से आने-जाने वाले थे।

भारतीय श्रमिक UAE में इसलिए फंस गए गए हैं, क्योंकि कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से कुवैत और सऊदी अरब ने यात्रा नियमों को सख्त कर दिया है। कुवैत ने 7 फरवरी से अगले दो सप्ताह तक गैर नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। वहीं, सऊदी अरब ने 4 फरवरी से भारत सहित 20 देशों से आने वाले यात्रियों को रोक दिया है।

पिछले सप्ताह, अबु धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी कि वे UAE होते हुए सऊदी अरब और कुवैत ना जाएं साथ ही UAE में फंसे लोगों को देश वापस जाने को कहा। मंगलवार को विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों को UAE में भारतीय मिशन से मदद लेनी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ”सऊदी अरब और कुवैत जा रहे भारतीय नागरिक जो UAE में हैं और यदि वापस लौटने के लिए मदद की जरूरत है, उन्हें दुबई स्थित कांसुलेट या अबु धाबी दूतावास से संपर्क करें।”

हालांकि, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिला है कि कितने भारतीय यहां फंसे हुए हैं। गल्फ न्यूज न्यूजपेपर की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन कम्युनिटी ग्रुप्स को मदद के लिए 1 हजार से अधिक यात्रियों से अपील मिली है। इनमें से अधिकतर केरल से हैं। इनमें से अधिकतर सऊदी अरब जा रहे थे।

इंडियन कम्युनिटी के प्रमुख सदस्य साजी छेरियान ने कहा कि उन्होंने 400 वर्कर्स को फुजैराह में ठहरने का ऑफर दिया है। इनमें से कई 10 से अधिक दिनों से फंसे हुए हैं। लोगों की मदद के लिए एक ऑनलाइन कैंपेन को लॉन्च किया गया है। इंडियन कांसुलेट ने गल्फ न्यूज को बताया कि जो लोग वापसी के लिए टिकट नहीं खरीद सकते उन्हें यह मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, सोमवार तक 50 से कम लोगों की ओर से आवेदन किया गया है।