क़तर का भारत से वादा- अब नही होगी भारतीय प्रवासी कामगारों को नौकरी में कोई दिक्कत

मीडिया रिपोर्ट्स की मुताबिक़, भारत और कतर के बीच चौथा विदेश कार्यालय परामर्श सोमवार को आयोजित किया गया जिसमें दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग सहित क्षेत्रीय व बहुपक्षीय स्तरों पर आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

वहीं दोनों ही देशों के विदेश मंत्री स्तर पर पहली संयुक्त आयोग की बैठक को जल्द आयोजित करने पर भी सहमत हुए। भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सचिव संजय भट्टाचार्य ने किया और कतरी पक्ष का नेतृत्व कतर के विदेश मंत्रालय में महासचिव डॉ. अहमद हसन अल-हमादी ने किया।

आपको बताते चलें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी और विदेश मंत्री ने कतर यात्रा की थी जिनसे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिली थी। सचिव ने महामारी के दौरान कतर में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए कतरी पक्ष को धन्यवाद दिया।

दोनों देश राजनीतिक, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, राजनयिक, सामुदायिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में मिलकर सहयोग कर रहे हैं। पारामर्श के दौरान दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में एक साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की।