मिलिए दुनिया के सबसे अमीर शख़्स से, हर घण्टे होती हर घंटे कमाए 127 करोड़ रुपये

कोरोनावायरस के कारण इकॉनमिक स्लोडाउन के बावजूद पिछले 12 महीनों में मस्क की नेटवर्थ 150 अरब डॉलर बढ़ी। वह संभवतः दुनिया में सबसे तेजी से कमाई करने वाले शख्स हैं। मस्क ने पिछले एक साल के दौरान हर घंटे 1.736 करोड़ डॉलर यानी करीब 127 करोड़ रुपये कमाए। इसकी वजह यह है कि दुनिया की सबसे मूल्यवान ऑटो कंपनी टेस्ला के शेयरों में अभूतपूर्व तेजी आई है। लगातार प्रॉफिट और प्रतिष्ठित एसएंडपी 500 इंडेक्स (S&P Index) में शामिल होने से पिछले साल कंपनी के शेयर 743 फीसदी चढ़ा। टेस्ला का शेयर 816 डॉलर के ऑल टाइम हाई पर ट्रेड कर रहा था।

विश्लेषकों का कहना है कि जॉर्जिया में डेमोक्रेट्स की जीत से टेस्ला की उम्मीदें और बढ़ गई हैं क्योंकि पार्टी देश में इलेक्ट्रिक वीकल्स को बढ़ावा देने के पक्ष में है। बिलिनेयर इनवेस्टर Chamath Palihapitiya के मुताबिक टेस्ला के शेयर की कीमत मौजूदा भाव से तीन गुना बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है तो मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने जाएंगे। उन्होंने गुरुवार को सीएनबीसी के साथ एक इंटरव्यू में निवेशकों से कहा, टेस्ला का शेयर मत बेचिए। उन्होंने निवेशकों से मस्क और दूसरे ऐसे उद्यमियों का साथ देने को कहा जो शॉर्ट टर्म बेनिफिट में विश्वास नहीं करते हैं।

दक्षिण अफ्रीका में जन्मे और पेशे से इंजीनियर 49 साल के मस्क की टेस्ला में 20 फीसदी हिस्सेदारी है। वह स्पेसएक्स (SpaceX) के भी सीईओ हैं। प्राइवेट स्पेस रेस में भी उनकी बेजोस की कंपनी ब्लू ऑरिजिन एलएलसी (Blue Origin LLC) के साथ प्रतिद्वंद्विता है। मस्क की नेटवर्थ 6 जनवरी को 184.5 अरब डॉलर पहुंच गई थी।

Bloomberg Billionaires Index के मुताबिक मस्क की नेटवर्थ बेजोस से महज 3 अरब डॉलर कम रह गई थी। बेजोस अक्टूबर 2017 से दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति की कुर्सी पर काबिज थे और उनकी नेटवर्थ 187 अरब डॉलर थी। लेकिन गुरुवार को टेस्ला के शेयरों में आई तेजी ने उनकी बादशाहत छीन ली। टेस्ला ने पिछले साल 5 लाख कारें बनाई और इन्हें डिलीवर किया। फोर्ड मोटर कंपनी और जनरल मोटर्स कंपनी की तुलना में यह आंकड़ा कुछ भी नहीं है।