एर्दोगान ने बढ़ती महंगाई में सूद लेने से किया इंकार, कहा- मैं वही करूँगा जो इस्लाम कहता है

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Erdogan: If every Muslim takes out Zakat, then no one in the world should remain poor

हमारे देश में दिन-ब-दिन महंगाई बढ़ती जा रही है और इस महंगाई के रहते आम आदमी को जीवन गुजारने में बहुत परेशानियां आ रही है। देश की सरकार इस महंगाई को कम करने के लिए कई प्रयास कर रही है लेकिन लंबे समय से महंगाई के चलते फिलहाल महंगाई पर नियंत्रण करने में असमर्थ है।

तुर्की में भी कुछ ऐसा ही हाल है जहां पर महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि उस पर नियंत्रण करने में बहुत परेशानी आ रही है। तुर्की की करेंसी तुर्किश लीरा अमेरिकी डॉलर से काफी नीचे आ चुकी है अर्थात (10 अमेरिकी डॉलर = 120.80 तुर्किश लीरा) बनते हैं।

आपको बता दें इस महंगाई के चलते तुर्की का इससे उबर पाना बहुत मुश्किल हो चुका है। तुर्की के अर्थशास्त्री इसका दोषी राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान को ठहरा रहे हैं। उनका कहना है के राष्ट्रपति ब्याज की दरों को बढ़ा दें वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान अपनी वीडियो पर कायम है पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं।

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तुर्की के राष्ट्रपति का कहना है कि मैं ब्याज दर नहीं बताऊंगा क्योंकि मैं वही पैसा लूंगा जो धर्म कहता है। हमारा धर्म इस्लाम ब्याज लेने से मना करता है इसलिए ब्याज की दरों में इजाफा नहीं किया जाएगा। फिर वह आगे कहते हैं कि मुसलमान होने के नाते से मैं इस्लामी शिक्षाओं के तहत ही कार्य करूंगा।

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