कोरोना पर बोला WHO – बिना लक्षण वाले रोगी से भी हो सकते है दुसरे संक्रमित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने एसिंप्टोमेटिक कोरोना मरीजों को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसे लोग भी दूसरों को कोरोना वायरस से संक्रमित कर सकते हैं जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे संक्रमण को pre-symptomatic कहते हैं। हालांकि WHO ने पहले कहा था कि एसिंप्टोमेटिक (लक्षणविहीन) संक्रमितों से महामारी फैलने का खतरा बहुत ही कम है।

सामान्य तौर पर वायरस का संक्रमण होने के बाद 5 से 6 दिनों के बाद दिखाई देने लगता है। लेकिन इसमें 14 दिन का समय भी लग सकता है। इसके अलावा आंकड़े ये भी बताते हैं कि पीसीआर (polymerase chain reaction) टेस्ट के जरिए लक्षण उभरने के दो-तीन पूर्व ही पहचान की जा सकती है। प्री सिंप्टोमेटिक संक्रमण तब होता है जब किसी व्यक्ति को ऐसे संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण हो जाए जिसमें लक्षण दिखाई न दे रहे हों। कई लोगों में संक्रमित होने के बावजूद कभी वायरस के लक्षण नहीं उभरते लेकिन ऐसे लोग भी दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।

WHO के पास रविवार को आए रिपोर्ट के अनुसार 75 प्रतिशत केस अमेरिका और दक्षिण एशिया के 10 शहरों से आए। उन्होंने साथ ही बताया कि पिछले 10 दिनों में 9 दिन एक लाख से ज्यादा केस रिपोर्ट हुए और रविवार को ये सबसे अधिक 136,000 मामले सामने आए।

टेड्रोस ने कहा कि अफ्रीका में ज्यादातर देशों में अभी भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जबकि इस महाद्वीप में ज्यादातर देशों में 1000 से कम मामले हैं। टेड्रोस ने साथ ही कहा, ‘हम इस बात से उत्साहित भी हैं कि दुनिया भर में कई देशों में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इन देशों में अब सबसे बड़ा खतरा संतोष से भर जाना ही होगा।’

WHO चीफ ने कहा कि दुनिया भर में अब भी ज्यादातर लोग संक्रमण के खतरे के दायरे में हैं। उन्होंने कहा, ‘इस महमारी के करीब-करीब 6 महीने होने जा रहे हैं। ये अभी समय नहीं है कि कोई भी देश राहत महसूस करे।’


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