Viral Video : ग्रैंड मस्जिद में एक साथ हज़ारो लोग कर रहे है तवाफ़ देख कर लोगो ने कहा बेहद खूबसूरत नज़ारा हैं

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मक्का में इस वक्त ज़ायरीनों और विजिटर्स की बहुत बड़ी भीड़ जमा है इसका एक मुख्य कारण यह है कि कोविड-19 के दो साल बाद अब प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है जिससे सऊदी अरेबिया ने जिन कंट्रीज को बैन किया हुआ था अब सऊदी उन कंट्री के ज़ायरीनों को आने की इजाज़त दे दी है जिसके बाद सऊदी में उमराह के लिए भारी तादाद में जायरीन आ रहे हैं अब तक लाखों के हिसाब से ज़ायरीन आ चुके हैं.

Hajj Ministry : तीर्थयात्रियों के कोटे को दी मंज़ूरी, इंडोनेशिया से आएंगे हज के लिए सबसे ज़्यादा ज़ायरीन और भारत रहा तीसरे नंबर पर #gulfnews #uaenews #uaenewsinhindi #arabnewsinhindi #saudiarabnews #hajj2022

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रमजान में ज़ायरीन खासकर उमराह करने के लिए ग्रैंड मस्जिद जरूर जाते हैं जिसके चलते इस वक्त ग्रैंड मस्जिद में एक साथ ही लाखों के हिसाब से ज़ायरीन और विज़िटर्स आए हुए हैं जिसके चलते इतने ज्यादा लोग एक साथ तवाफ़ कर रहे हैं ये खूबसूरत नजारा ग्रैंड मस्जिद से देखने को मिला है एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ज़ायरीन की भीड़ तवाफ़ करने में व्यस्त हैं।

इसके साथ ही कुछ तस्वीरें भी ग्रैंड मस्जिद से वायरल हो रही है सऊदी सरकार में इस लाखों की भीड़ को बखूबी संभाला है इसके साथ ही ज़ायरीन की देखभाल करने के लिए 24 घंटे सऊदी सरकार स्वास्थ्य केंद्र के जरिए उनका चेकअप कर रही है जिससे किसी भी तरह से उन्हें अपनी इबादत में खलल ना हो।

इतना ही नहीं क्योंकि लाखों की तादाद में जायरीन आए हैं उनके साथ बहुत से बच्चे भी इस बार ग्रैंड मस्जिद में दिखाई देते हैं बच्चों की सेफ्टी के लिए ग्रैंड मस्जिद के मामले के प्रेसीडेन्सी ने बच्चों को बैंड बांटे हैं जब बच्चे ग्रैंड मस्जिद में एंट्री करेंगे तो इस बैंड के जरिए उनका नाम उनके पेरेंट्स का नाम और उनका फोन नंबर रजिस्टर कर लिया जाएगा जिसके बाद अगर कोई बच्चा अपने मां-बाप से बिछड़ जाता है तो उसके मां-बाप तक आसानी से उसे बचाया जा सके इससे बच्चों के खोने की संभावना बेहद कम हो गई है.

इतना ही नहीं ग्रैंड मस्जिद में सरकार ने कई वॉलिंटियर्स को और ज्यादा तादाद में नियुक्त किया है जिससे ज़ायरीन और विज़िटर्स को किसी भी तरह की सेवा में कमी ना हो इसके साथ ही कई भाषाओं में ग्रैंड मस्जिद में सांकेतिक स्क्रीन लगाई गई है जिससे अलग-अलग भाषा के लोग इसको पढ़ने में सक्षम हो सके और वह आराम से मस्जिद में इबादत करने की जगह पर पहुंच सकें

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