अमेरिकी कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट, -40 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा दाम

अमेरिका में कच्चे तेल की कीमतें निगेटिव स्तर पर चली गई। सोमवार को अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत जीरो से नीचे लुढ़कते हुए -40 डॉ़लर प्रति बैरल पर पहुंची। सऊदी अरब से लेकर रूस और अमेरिका तक की ओर से कच्चे तेल के लगातार उत्पादन और मांग में कमी के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। हालात यह है कि दुनिया भर में क्रूड ऑयल का कोई खरीददार ही नहीं है।

दरअसल, अमेरिका के पास एक तरह से कच्चे तेल का भंडार क्षमता से अधिक हो चुका है। वहां स्टोरेज सुविधाएं अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच चुकी हैं। एस-एंड-पी ग्लोबल प्लैट्स के मुख्य विश्लेषक क्रिस एम. के अनुसार, तीन सप्ताह के भीतर कच्चे तेल के सभी टैंक भर जाएंगे। ऐसे में आगे तेल उत्पादन के लिए जरूरी है कि मौजूदा भंडार को खाली किया जाए।

कनाडा में यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के लीडर जेसन कन्ने (Jason Kenney) ने सोमवार को एक स्क्रीनशॉट शेयर कर कहा कि ‘वेस्टर्न कनाडियन सेलेक्ट’ ऑयल का भाव -$0.01 डॉलर प्रति बैरल भाव पहुंच गया है। कच्चे तेल के दाम में यह गिरावट इसके बाद आया, जब निवेशकों को लगा कि OPEC और सहयोगी तेल उत्पादकों द्वारा कटौती का फैसला पर्याप्त नहीं है।

गौरतलब है कि तेल के सबसे बड़े निर्यातक OPEC और इसके सहयोगी जैसे रूस, पहले ही तेल के उत्पादन में रिकॉर्ड कमी लाने पर सहमत हो चुके थे। अमेरिका और बाकी देशों ने ने भी तेल उत्पादन में कमी लाने का फैसला किया थाा। लेकिन, कोरोना के चलते बंद पड़े उद्योग धंधे की वजह से तेल उत्पादन में कमी लाने के बावजूद दुनिया के पास इस्तेमाल की जरूरत  से अधिक कच्चा तेल उपलब्ध है।

नहीं मिल रहे खरीददार

वैश्विक मानक समय (ग्रीनविच मीन टाइम) के अनुसार दोपहर तीन बजे (भारतीय समय रात 8.30 बजे इसमें मामूली सुधार देखा गया और यह 10.82 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। फिर भी यह शुक्रवार के मुकाबले 41 प्रतिशत कम था। व्यापारियों ने कहा कि कीमत में यह गिरावट चिंताजनक है क्योंकि मई डिलीवरी के अनुबंधों का निस्तारण सोमवार शाम तक कर दिया जाना है, लेकिन कोई निवेशक तेल की वास्तविक डिलिवरी लेना नहीं चाह रहा है।


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