पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने कश्मीर पर की मध्यस्थता की पेशकश, भारत ने ठुकराई

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुतारेस ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। हालांकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कश्मीर पर मध्यस्थता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि असली मुद्दा पाकिस्तान की ओर से अवैध तरीके से कब्जाए गए क्षेत्र (पीओके) को खाली कराने का होना चाहिए।

दरअसल, एंतोनियो संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बनने के बाद पहली बार पाकिस्तान के दौरे पर हैं। रविवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एंतोनियो गुतेरस ने कहा कि यूएन ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कई क़दम उठाए हैं।

इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गुतेरस ने कहा, ”हमने दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए प्रस्ताव रखा है लेकिन यह तभी संभव होगा जब दोनों देश तैयार होंगे। शांति और स्थिरता केवल बातचीत के ज़रिए ही आ सकती है। दोनों देशों को इस मामले में संयम बरतने की ज़रूरत है, यूएन चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों ते तहत राजनयिक संवाद के ज़रिए ही शांति और स्थिरता तक पहुंचा जा सकता है। हम इस मामले में पहल करने के लिए तैयार हैं लेकिन दोनों देशों को इसके लिए सहमत होना होगा।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुटेरेस का यह प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि यूएन प्रमुख को पाकिस्तान पर इस बात का दबाव डालना चाहिए कि वह भारत के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे आतंकवाद पर विश्वसनीय कार्रवाई करे।

विदेश मंत्रालय की ओर से आगे कहा गया, “दोनों देशों के विवाद में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। सभी विवादों का हल द्विपक्षीय तरीके से ही हो सकता है, लेकिन असल मुद्दा पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए क्षेत्रों को मुक्त कराने का होना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि यूएन महासचिव सीमापार आ’तंकवाद को रोकेंगे। इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और बाकी भारत के लोगों के मानवाधिकार पर खतरा पैदा होता है।


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