अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को रोकने के लिए UN ने शुरू किया ‘कॉल टू एक्शन’ प्रोग्राम

दुनिया भर में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्या’चार को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने ‘कॉल टू एक्शन’ कार्यक्रम की शुरुआत की। जो नारी उत्‍पीड़ने को रोकने में भी सहायक होगा।

जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के मुख्य वार्षिक सत्र के दौरान महासचिव ने कहा कि मानव अधिकारों पर हम’ला हो रहा है। उन्‍होंने दुनिया में राजनीतिक ध्रुवीकरण पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कहा है कि इससे लोगों में भय उत्‍पन्‍न हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि यह एक विकृत राजनीति है। मतदाताओं को विभाजित करने के लिए ऐसा कई मुल्‍क कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि इससे कानून का शासन समाप्‍त हो रहा है।

गुटेरेस ने सरकारों, सांसदों, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और हर जगह लोगों को संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के लिए एक कॉल टू एक्शन लॉन्च किया। उन्होंने सात क्षेत्रों का उल्लेख किया, जहां उन्होंने कहा कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। इसमें महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिं’सा को रोकने के प्रयासों को बढ़ावा देना शामिल है।

गुटेरेस ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का लगातार अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक नेतृत्व की भूमिकाओं, शांति प्रक्रियाओं और आर्थिक समावेश में महिलाओं की भागीदारी में लगातार गतिरोध को देख रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लैंगिक समानता की दिशा में काम हो रहा है।

यूएन प्रमुख ने कहा कि इस साल एक जनवरी तक यूएन ने हमारे वरिष्ठतम रैंक में लैंगिक समानता हासिल की। उन्‍होंने कहा कि हम 2028 तक सभी स्तरों पर संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में लैंगिक समानता तक पहुंचने की प्रतिज्ञा करते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपने सभी कार्यों के लिए एक लिंग परिप्रेक्ष्य लागू करेगा।


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