ईरान को बड़ा झटका – संयुक्त राष्ट्र ने नए राष्ट्रपति के खिलाफ उठाई जांच की मांग

ईरान को सयुंक्त राष्ट्र से बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, ईरान में मानवाधिकारों के संयुक्त राष्ट्र के अन्वेषक ने मंगलवार को नए राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के खिलाफ जांच शुरू करने की मांग की है। 1988 में हजारों राजनीतिक कैदि’यों की राज्य-आदेशित फां”सी की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई गई है। उस समय रायसी तेहरान में अभियोजन न्यायाधीश थे।

ईरान में मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत जावेद रहमान ने कहा कि उनके कार्यालय ने सबूत जुटाए हैं कि वह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को पेश करने के लिए तैयार है, और उन्होंने कहा कि वह चिंतित हैं कि सामूहिक कब्रों को कवर-अप के हिस्से के रूप में नष्ट किया जा रहा है।

रहमान ने कहा, “मुझे लगता है कि यह समय है, और अब यह बहुत महत्वपूर्ण है … कि हम जांच शुरू करें कि 1988 में क्या हुआ और व्यक्तियों की भूमिका क्या थी।” उन्होने कहा, “अन्यथा हमें इस राष्ट्रपति और भूमिका के बारे में बहुत गंभीर चिंताएं होंगी … उन्होंने उन फां’सी में ऐतिहासिक रूप से खेला है।”

रहमान ने कहा: “जिस पैमाने को हम सुनते हैं, उसका अर्थ है कि यह उस नीति का हिस्सा था जिसका अनुसरण किया जा रहा था … यह केवल एक व्यक्ति नहीं था।” उन्होंने कहा कि नवंबर 2019 में प्रदर्शनकारियों की ह’त्या की “कोई उचित जांच नहीं” हुई थी, जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सबसे खू’नी राजनीतिक अशांति थी।

उन्होने कहा, “रूढ़िवादी अनुमानों से भी हम कह सकते हैं कि 300 से अधिक लोगों को मनमाने ढंग से, अतिरिक्त न्यायिक रूप से मा’र दिया गया था, और किसी को भी जवाबदेह नहीं ठहराया गया है और कोई मुआवजा नहीं है।