Ukraine and Russia Crisis: की दोस्ती की मिसाल कायम जब फैसल ने छोड़ी कमल के लिए फ्लाइट

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जहा उक्रैन और रूस की जं’ग में दिल दहलाने वाली खबरे सामने आ रही है वही एक ऐसी कहानी सामने आ रही जो इंसानियत की और दोस्ती की मिसाल है उत्तर प्रदेश के हापुड़ ज़िले के मोहम्मद फ़ैसल और वाराणसी के कमल सिंह राजपूत की दोस्ती की ये कहानी आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी.

दरअसल फैसल और कमल दोनों ही यूक्रेन के इवानो स्थित फ्रेंकविस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं. मामला ये था की फ़ैसल को भारत लौटने के लिए 22 फ़रवरी को अगले दिन की फ़्लाइट के लिए टिकट मिल गए थे, लेकिन उनके जिगरी दोस्त को टिकट ना मिल सका

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इसके बाद अपने दोस्त को मायूस देख फ़ैसल ने फ़ैसला किया कि वो फ्लाइट पर नहीं बैठेंगे और उन्होंने सच्ची दोस्ती की मिसाल कायम की .

इसके बाद कमल सिंह ने कहा, “ऐसे वक्त में जब सभी लोगों को यहां से भागने की पड़ी थी, फैसल ने फ्लाइट में ना बैठने का फैसला लिया . उन्होंने आगे बताया की फैसल की मां और परिवार के अन्य लोगों की कॉल आई थी कि 23 फरवरी को फ्लाइट है, लेकिन फ़ैसल ने घरवालों से साफ कह दिया कि वह भारत नहीं आ रहा है. इसके बाद फ़ैसल से मैंने बहुत कहा कि वह चला जाए, मैं आ जाऊंगा, लेकिन वह मुझे छोड़ कर नहीं गया.”

ऐसे में फ़ैसल अपने फ्लाइट छोड़ने के फैसले को सही ठहराते हैं. आगे वह बताते है की उनकी और कमल की दोस्ती कैसे हुई थी, “कमल और मैं 11 दिसंबर 2021 को यूक्रेन के कीएव में सबसे पहले मिले थे आगे उन्होंने बताया की उनकी मुलाकात हुई उसके बाद दोनों एक ही ट्रेन से इवानो पहुंचे और यहां एक ही हॉस्टल में रहने लगे. उन्होंने कहा हमारे विचार काफी मिलते हैं.”

ऐसे खराब हालात में फैसल ने अपने पहले फैसले को सही कहा और खा की उनके घरवालों ने इत्तिला दी थी उन्होंने मना क्र के कॉन्ट्रैक्टर को कहा की उनकी जगह किसी और को भेज दें .

फैसल ने कहा मेरे ज़ेहन में एक बात आई कि जब अच्छे में हम साथ थे तो बुरे हालात में उसका साथ नहीं छोड़ सकता. कमल का टिकट बुक नहीं हो पाया था इसलिए मैंने भी दोस्त को छोड़ कर आना बेहतर नहीं समझा.”

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