प्रवासी महिला कर्मचारी की बेटी के इलाज़ के लिए UAE सरकार ने खर्च कर दिए इतने दिरहम

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खबर है कि दुबई में काम करने वाली महिला की UAE सरकार द्वारा की गई मदद पर पूरे देश में हर जगह सराहना की जा रही है. आपको बता दें एक्सपो टीम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डोमिनिक विलाफुर्टे के दिल को छू लेने वाले अनुभव को साझा किया। दरअसल UAE सरकार ने एक फिलिपीना मां को उनकी बेटी का इलाज़ करा उन्हें जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी प्रदान की है. दरअसल एक्सपो में शामिल होने से पहले 2017 में, उन्हें और उनके पति को पता चला कि उनकी बेटी मिशेल ग्रेस बहरी हैं और उन्हें कर्णावत प्रत्यारोपण की आवश्यकता है – एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो सुनने में सुधार करता है।


इस वर्ष को संयोग से संयुक्त अरब अमीरात में ‘Year of Giving’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर को चिह्नित करते हुए, स्वास्थ्य और रोकथाम मंत्रालय ने ‘The Help Me Hear’ पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य cochlear planting ऑपरेशन करके बहरेपन वाले बच्चों की जरूरतों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि “हम भाग्यशाली थे कि हमें यूएई सरकार के सौजन्य से, अपनी बेटी के दाहिने कान के लिए कर्णावत प्रत्यारोपण का मुफ्त में मौका दिया गया। उन्होंने अपने कलीग के साथ एक्सपो में National Cay celebrations के दौरान उन्होंने अपनी बेटी की कहानी एक संस्थान के साथ शेयर की और इसपर के वीडियो भी बनाई.

इसके बाद विलाफुर्टे ने उस वीडियो को शारजाह के अल कासिमी अस्पताल के डॉक्टर इमान अलहौली के साथ साझा किया, जिन्होंने सर्जरी की थी। उन्होंने पूछा कि हमने दूसरे कान की सर्जरी क्यों नहीं की। दरअसल प्रत्येक सर्जरी की लागत लगभग 200, 000 है। और पैसे न होने के कारण उन्होंने दूसरा कान ठीक नहीं कराया । जिसके बाद उन्होंने बताया कि डॉ. इमान ने हमें उसके क्लिनिक में आने और मिलने के लिए कहा। हमने किया, और जब हम बैठ गए – उसने कहा कि दूसरी सर्जरी को मंत्रालय द्वारा मंजूरी दे दी गई है! कोई सवाल नहीं पूछा गया!

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विलफुर्ते की बेटी की आखिरकार दिसंबर 2019 में सर्जरी हुई और अब वह दोनों कानो से बिलकुल अच्छे से सुन सकती है. “हम एक्सपो के लिए हमेशा आभारी हैं। एक्सपो ने मुझे जो सबक सिखाया है, उनमें से एक यह है कि आपकी स्थिति कितनी भी मंद क्यों न हो, इस दुनिया में हमेशा अच्छे लोग होते हैं जो किसी न किसी तरह आपकी मदद करेंगे – इसलिए हमें हारना नहीं चाहिए. डोमिनिक की प्रेरक कहानी इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे एक्सपो ने न केवल देश के भीतर, बल्कि इसके सभी 24.1 मिलियन आगंतुकों के जीवन को बदल दिया है।

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