दो भारतीय होम्योपैथिक डॉक्टरों को मिला यूएई का गोल्डन वीजा, ये है प्रोसेज

अबू धाबी: दो भारतीय होम्योपैथिक डॉक्टरों को रविवार को संयुक्त अरब अमीरात का प्रतिष्ठित गोल्डन वीजा मिला है।

खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नासिक, महाराष्ट्र के डॉ हसनैन मोतीवाला और खन्ना, पंजाब की डॉ अनुप्रिया बत्रा को यूएई के संघीय प्राधिकरण (आईसीए) द्वारा गोल्डन वीजा दिया गया।

डॉ मोतीवाला को 1 जुलाई को यूएई गोल्डन वीजा दिया गया था। वह पिछले सात वर्षों से यूएई में सफलतापूर्वक प्रेक्टिस कर रहे हैं और वर्तमान में दुबई में अल दियाफा आधुनिक चिकित्सा केंद्र और एक्वा क्लिनिक में प्रेक्टिस कर रहे हैं।

डॉ मोतीवाला ने कहा, “यह वास्तव में मेरे परिवार और संयुक्त अरब अमीरात में मेरे समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। मैं इस मान्यता और मुझे यह सम्मान देने के लिए संयुक्त अरब अमीरात सरकार और नेतृत्व को धन्यवाद देना चाहता हूं।”

भारत की एक अन्य डॉक्टर अनुप्रिया बत्रा को 8 जुलाई को यूएई गोल्डन वीजा दिया गया। डॉ अनुप्रिया बत्रा, वर्तमान में अल नाहदा, दुबई में डॉ बत्रा के होम्योपैथिक क्लिनिक के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने खलीज टाइम्स को बताया, “गोल्डन वीज़ा आवेदन की पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है और मुझे जल्दी से वीज़ा मिल गया है।”

बत्रा ने कहा, “मैं इस अवसर के लिए यूएई के नेताओं और मेरे वीजा आवेदन और होम्योपैथी पेशेवरों की मान्यता के लिए अधिकारियों का आभारी हूं।”