आयुर्वेद और होम्योपैथी के डॉक्टर को यूएई दे रहा गोल्डन वीजा, भारतीयों के लिए सुनहरा मौका

यूएई, जो एलोपैथ को गोल्डन वीजा प्रदान करता रहा है, ने हाल ही में आयुर्वेद और होम्योपैथी का अभ्यास करने वाले डॉक्टरों को भी दस साल का रेजिडेंसी वीजा जारी करना शुरू किया। जिसका सीधा लाभ भारतीयो को मिल रहा है।

हाल ही में दो भारतीय आयुर्वेदिक डॉक्टरों को यूएई का प्रतिष्ठित गोल्डन वीजा मिला है। संयुक्त अरब अमीरात के फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी एंड सिटिजनशिप (आईसीए) ने केरल के डॉ श्याम विश्वनाथन पिल्लई और डॉ जसना जमाल को गोल्डन वीजा दिया है।

  अबू धाबी में बुर्जील डे सर्जरी सेंटर में वैद्यशाला के सीईओ पिल्लई को 17 जून को चिकित्सा पेशेवरों और डॉक्टरों की श्रेणी के तहत गोल्डन वीजा दिया गया। पिल्लई ने कहा, “आयुर्वेद और आयुर्वेद चिकित्सकों को इस तरह के समर्थन के लिए यूएई के शासकों और नीति निर्माताओं के प्रति मेरी हार्दिक कृतज्ञता।”

उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में संयुक्त अरब अमीरात के निवासियों की भलाई के लिए आयुर्वेद को एकीकृत करने और साथ ही आयुर्वेद अभ्यास की गुणवत्ता वितरण सुनिश्चित करने के लिए मजबूत उपायों को ध्यान में रखते हुए उनकी दृष्टि की सराहना करता हूं।”

इसके अलावा दुबई के अल ममजार की रहने वाली डॉक्टर जसना जमाल को भी 24 जून को गोल्डन वीजा दिया गया। उन्होने कहा, “भगवान की कृपा से, मुझे गोल्डन वीजा से सम्मानित किया गया है। यह बहुत खुशी की बात है…मैं इस शानदार अवसर के लिए यूएई के नेताओं को तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।”

जसना केरल के त्रिशूर की रहने वाली हैं। दुबई में एक आर्किटेक्ट से शादी करने के तुरंत बाद वह 12 साल पहले यूएई चली गई। वह आयुर्वेदिक प्रथाओं को महत्व देने के लिए अधिकारियों की आभारी हैं।