तुर्की में फिर हुई तख्तापलट की कोशिश, एर्दोगान ने पूर्व एडमिरल पर लगाया आरोप

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने अपने प्रस्तावित प्रोजेक्ट “कैनाल इस्तांबुल” की निंदा करने के बाद अपने पूर्व एडमिरलों पर राजनीतिक तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया है। यह प्रोजेक्ट काला सागर के भूमध्य सागर से जोड़ने की योजना है।

एर्दोगन ने सोमवार को कहा, “सेवानिवृत्त एडमिरलों का कर्तव्य – जिनमें से 104 एकजुट हुए हैं को एक राजनीतिक तख्तापलट में संकेत देने वाली घोषणाओं को प्रकाशित नहीं करना है।” बता दें कि इस मामले में सोमवार को तुर्की ने 10 सेवानिवृत्त एडमिरल को हिरासत में भी लिया गया है।

उन्होंने कहा, “ऐसे देश में जिसका अतीत तख्तापलट से भरा हुआ है, (सेवानिवृत्त एडमिरलों के एक समूह के प्रयास) को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।” शनिवार को एक पत्र में नई नहर के निर्माण पर 104 सेवानिवृत्त एडमिरलों द्वारा चिंता व्यक्त की गई थी।

जिसमे कहा गया था कि यदि तुर्की प्रस्तावित प्रोजेक्ट “कैनाल इस्तांबुल” को शुरू करता है तो उसे1936 के मॉन्ट्रो कन्वेंशन को छोड़ना होगा। जो देश के लिए अहितकर साबित होगा। उन्होंने कहा कि 1936 के मॉन्ट्रो कन्वेंशन को बहस के लिए खोलना “चिंताजनक” था और यह समझौता “तुर्की हितों की सर्वश्रेष्ठ रक्षा करता है।”

एर्दोगन ने कहा कि संधि को प्रस्तावित नहर से जोड़ना “पूरी तरह से गलत” था, यह कहते हुए कि नई शिपिंग लेन “हमारी संप्रभुता को मजबूत करेगी।” एर्दोगन ने कहा, “अब मॉन्ट्रेक्स से हटने का हमारा कोई इरादा नहीं है।” उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो हम अपने देश को बेहतर बनाने के लिए हर समझौते को संशोधित कर सकते हैं।