नई साइप्रस वार्ता 2 राज्यों से शुरू होनी चाहिए, समुदायों से नहीं: एर्दोगान

तुर्की के राष्ट्रपति ने शनिवार को साइप्रस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर साइप्रस पर नई बातचीत होनी है, तो ये अब दो समुदायों के बीच नहीं, बल्कि दो राज्यों के बीच होनी चाहिए।”

एर्दोआन ने कहा कि, नई वार्ता शुरू होने से पहले तुर्की साइप्रस की समान स्थिति और संप्रभु समानता की पुष्टि की जानी चाहिए, पिछले महीने जिनेवा में अनौपचारिक रूप से आयोजित नवीनतम साइप्रस वार्ता “यूनानी पक्ष के अड़ियल रवैये, तथ्यों से अलग” के कारण अनिर्णायक थी।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य टीआरएनसी के लिए तुर्की साइप्रस के लोगों को अधिक समृद्ध भविष्य के लिए विकसित और मजबूत करना है।”

इस मौके पर एर्दोआन ने उत्तरी साइप्रस (TRNC) में लाइव वीडियो लिंक के माध्यम से  में एक सिंचाई सुरंग का उद्घाटन किया। उन्होने कहा कि तुर्की ने पानी के नीचे पाइपलाइन के माध्यम से टीआरएनसी को वार्षिक 75 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी दिया है।

उद्घाटन समारोह के दौरान बोलते हुए, तुर्की के उपराष्ट्रपति फुआट ओकटे ने कहा कि टीआरएनसी का क्षेत्र, जिसे लंबे समय से पानी की जरूरत है, नए स्प्रिंकलर सिस्टम और ट्रिकल सिंचाई के साथ उपजाऊ बन जाएगा।

ओकटे ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और विकास सहयोग संप्रभु टीआरएनसी के उदय में योगदान देगा जो आत्मविश्वास से अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।