इदलिब को लेकर बोले एर्दोगान – पोस्टों को घेरे जाने पर तुर्की चुप नहीं बैठेगा

सीरिया के शासन बलों द्वारा नॉर्थवेस्टर्न इदलिब में तुर्की की पोस्टों को घेरे जाने पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने शनिवार को कहा कि वह चुप नहीं रह सकता है।

पाकिस्तान यात्रा से वापसी के दौरान उन्होने कहा कि कि इदलिब में हालिया संघर्षों ने शासन बलों पर भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे असद शासन और मास्को दोनों के लिए चिंता का विषय है। तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि अंकारा की मुख्य चिंता यह है कि इदलिब में शासन की आपत्ति लगभग 1 मिलियन लोगों को तुर्की सीमा की ओर धकेल रही है।

एर्दोआन ने कहा, “हम पहले से ही 3.5-4 मिलियन लोगों (सीरियाई शरणार्थियों) की मेजबानी करते हैं। दुर्भाग्य से, हमारे पास एक और मिलियन को स्वीकार करने की क्षमता नहीं है। इसलिए हम क्या करते हैं? हमने कहा कि चलो (सीरिया) के अंदर सीमा के साथ  आश्रयों का निर्माण करते हैं। निर्माण का काम उस समय था।”

अंकारा ने जर्मनी और अन्य यूरोपीय राज्यों से इन आश्रयों के निर्माण के लिए वित्तीय मदद का अनुरोध किया है, उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस के माध्यम से तुर्की रेड क्रिसेंट को यूरोपीय लोगों से 25 मिलियन यूरो प्राप्त होने की उम्मीद है। उन्होने कहा कि कहा कि संकट का समाधान तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि सीरियाई शासन बलों ने सोची में 2018 के समझौते में तुर्की और रूस की सीमा के बाहर वापस नहीं ले लिया।

एर्दोआन ने कहा, “इदलिब में समाधान समझौतों में सीमाओं को वापस लेने वाला (सीरियाई) शासन है। अन्यथा, हम इसे फरवरी के अंत से पहले संभाल लेंगे।” उन्होंने कहा “जब तक हम आतं’कवादी संगठनों के सीरिया और (सीरियाई) शासन की क्रूरता को साफ नहीं करते हैं, तब तक हम आसानी से आराम नहीं करेंगे ।”


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