तुर्की ने हागिया सोफिया के मस्जिद में बदलने की यूनेस्को को दी जानकारी

दिलशाद नूर 

तुर्की ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक निकाय यूनेस्को को इस्तांबुल के हागिया सोफिया के बारे में उठाए गए कदमों के बारे में सूचित किया, विदेश मंत्री मेवलुत कैवुसोग्लू ने सोमवार को कहा कि अंकारा ने संग्रहालय को वापस मस्जिद में बदल दिया।

शुक्रवार को, तुर्की की एक अदालत ने फैसला सुनाया कि छठी शताब्दी की इमारत का संग्रहालय में बदलना गैरकानूनी था और राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने घोषणा की कि यह अब एक मस्जिद है। कैवुसोग्लू राज्य प्रसारक टीआरटी हैबर के साथ एक साक्षात्कार में बोल रहा थे।

यूनेस्को ने शुक्रवार को कहा कि वह एर्दोगन की घोषणा के बाद विश्व धरोहर स्थल के रूप में स्मारक की स्थिति की समीक्षा करेगा।

इस विश्व प्रसिद्ध इमारत का निर्माण लगभग 532 ईस्वी में बाइजेंटाइन साम्राज्य के शासक जस्टिनियन ने किया था। उस समय इस शहर को कुस्तुनतुनिया या कॉन्सटेनटिनोपोल के नाम से जाना जाता था। 537 ईस्वी में निर्माण पूर्ण होने के बाद इस इमारत को चर्च बनाया गया।

हालांकि 1453 में इस्लामी ऑटोमन साम्राज्य सुल्तान मेहमत द्वितीय के हाथों इस शहर पर जीत के बाद कुस्तुनतुनिया का नाम बदलकर इस्तांबुल कर दिया गया। वहीं कुछ साल बाद इस चर्च में खरीदकर मस्जिद बना दिया। पहले विश्व युद्ध में तुर्की की हार के बाद 1934 में इस मस्जिद (मूल रूप से हागिया सोफ़िया चर्च) को म्यूज़ियम बनाने का फ़ैसला किया गया।


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