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तुर्की चाहता है फिलिस्तीनी मुद्दे का स्थायी समाधान

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यूएस एम्बेसी के जेरुसलम में शिफ्ट होने के बाद इजराइल के सैनिकों ने जो हिंसा फिलिस्तीनियों के साथ की उससे हर कोई दुखी है. हर कोई इजराइल के खिलाफ कारवाही करने की मांग कर रहा है. तुर्की भी उन्ही देशों में एक है, जो हर वक्त फिलिस्तीन के साथ खड़ा है.

तुर्की का अंतिम लक्ष्य “फिलिस्तीनियों का स्थायी समाधान”

ऐनाडोलू एजेंसी के अनुसार तुर्की के शीर्ष राजनयिक ने गुरुवार को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा की “तुर्की  फिलीस्तीनी मुद्दे पर “स्थायी समाधान” ढूंढना चाहता है और तुर्की का अंतिम लक्ष्य है.”

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वर्ल्ड न्यूज अरेबिया को मिली खबरों के अनुसार केंद्रीय कोन्या प्रांत के विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्री मीवलट कैवसुग्लू ने कहा की  “हमारा संघर्ष सिर्फ एक लक्ष्य को पूरा करने के लिए है और वह है फिलीस्तीनी मुद्दे के लिए स्थायी समाधान खोजना. “

उन्होंने कहा की “हम एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश की स्थापना और उसे संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे और जब तक हम इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते हम रुकेंगे नहीं.”

60 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत 

जैसा की वर्ल्ड न्यूज अरेबिया ने आपको खबर दी थी की फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सोमवार को गाजा सीमा में इसरायली हमले से 60 से ज्यादा फिलिस्तीनी शहीद हो गए और हजारों घायल हो गए.

उन्होंने कहा की “तुर्की अन्य देशों को एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश पहचानने के लिए प्रोत्साहित करेगी.”

उन्होंने कहा की “हम उन देशों के साथ एकजुटता में होंगे, जो फिलिस्तीन राज्य को पहचानने में संकोच करते हैं, हालांकि वे इसे पहचानना चाहते हैं – साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ, हम उन देशों को भी प्रोत्साहित करेंगे.”

जैसा की हमने आपको खबर दी थी की “हजारों फिलिस्तीनी गाजा पट्टी की पूर्वी सीमा पर इज़राइल की स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ में नकबा दिवस बनाने के लिए एकत्रित हुए थे और तेल अवीव से अमेरिकी दूतावास को यरूशलेम में स्थानांतरित करने का विरोध किया था.”

पिछले हफ्ते, इजरायली सरकार ने दावा किया कि मौजूदा सीमा विरोध प्रदर्शन “युद्ध की स्थिति” है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून लागू नहीं होता है.

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