काबुल एयरपोर्ट को लेकर तुर्की और अमेरिका की हुई बैठक, निकला ये नतीजा

तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार और उनके अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन के बीच बुधवार को काबुल एयरपोर्ट को लेकर बैठक हुई। जिसमें अफगानिस्तान से ना’टो के जाने के बाद अंकारा द्वारा अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे के संचालन और सुरक्षा के लिए एक योजना पर चर्चा की गई।

पिछले महीने तुर्की ने ना’टो अफगानिस्तान से जाने के बाद हवाई अड्डे का संचालन करने की पेशकश की थी। हालांकि तालि’बान के एक प्रवक्ता ने कहा कि अंकारा को अन्य विदेशी ताकतों के साथ देश से अपने सैनि’कों को वापस बुला लेना चाहिए।

ऑस्टिन और अकार ने अफगानिस्तान से अमेरिकी से’ना की वापसी पर चर्चा की और दोनों ने हवाई अड्डे पर “पर्याप्त सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया”। दोनों निकट भविष्य में फिर से बात करने पर सहमत हुए।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए हवाई अड्डे को सुरक्षित करने में तुर्की को एक भूमिका प्रदान करने से अंकारा और पश्चिम के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। तुर्की के पश्चिम के साथ रूसी रक्षा प्रणालियों की खरीद और पूर्वी भूमध्यसागरीय जल में ड्रिलिंग अधिकारो को लेकर विवाद जारी है।

अकार ने कहा, “हम परिस्थितियों के आधार पर अफगानिस्तान में रहने का इरादा रखते हैं। हमारी शर्तें क्या हैं? राजनीतिक, वित्तीय और सै’न्य समर्थन। अगर ये मिलते हैं, तो हम हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रह सकते हैं।”

तुर्की के बयान में कहा गया है कि चर्चा आज भी जारी रहने वाली है। बता दें कि इस फैसले को लेकर आखिरी निर्णय तुर्की राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान को लेना है।