तुर्की बोला – काबुल हवाईअड्डे पर हुई बातचीत, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ

तुर्की के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को संचालित करने और सुरक्षित करने के उनके देश के प्रस्ताव पर बातचीत जारी है।

रक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने कहा कि तुर्की कई देशों के साथ योजना पर चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा, तुर्की विभिन्न देशों से राजनीतिक, वित्तीय और सै’न्य समर्थन मांग रहा। अकार ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र और ना’टो में कुछ राजनीतिक निर्णय होने चाहिए, और अफगान सरकार के साथ एक समझौता होना चाहिए।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत जारी है और तुर्की के राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद योजना को क्रियान्वित किया जाएगा।

बता दें कि तुर्की ने अफगानिस्तान से अमेरिका के हटने के बाद काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन और सुरक्षा प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। एर्दोगन ने जून के मध्य में ना’टो शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी पहली आमने-सामने की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ इस पर चर्चा की।

हवाई अड्डे की सुरक्षा पर समझौता तेजी से जरूरी हो गया है क्योंकि शेष 2,500-3,500 अमेरिकी सै’निकों और 76,000 सह’योगी नाटो सै’निकों की अंतिम वापसी करीब है। शुक्रवार को सभी अमेरिकी सै’निकों ने 20 साल बाद बगराम एयरफील्ड को छोड़ दिया।

ना’टो-सदस्य तुर्की के अफगानिस्तान में 500 से अधिक सैनि’क हैं और पहले से ही हवाई अड्डे पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अकार ने पहले कहा था कि तुर्की की और सैनि’कों को तैनात करने की कोई योजना नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा, “हवाईअड्डा खुला और संचालित होना चाहिए। अगर हवाईअड्डा काम नहीं करता है, तो दूतावास हट जाएंगे और ऐसी स्थिति में, अफगानिस्तान एक अलग राज्य बन जाएगा।”