काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए तुर्की का सैनि’क भेजेने से इनकार, ये बड़ी वजह आई सामने

तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका और ना’टो के के जाने के बाद काबुल के हवाई अड्डे को चलाने और सुरक्षित करने की योजना के तहत तुर्की अफगानिस्तान में अतिरिक्त सैनि’क नहीं भेजेगा। ना’टो की वापसी के बाद तुर्की ने हामिद करज़ई हवाई अड्डे की सुरक्षा और संचालन की पेशकश की है और मिशन के लिए रसद और वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।

तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह मिशन अंकारा और उसके सहयोगियों के बीच सहयोग का एक संभावित क्षेत्र हो सकता है। दरअसल ना’टो की वापसी के बाद अफगानिस्तान से राजनयिक मिशनों के संचालन के लिए हवाई अड्डे की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

संसद में पत्रकारों से बात करते हुए, अकार ने कहा कि छह साल के लिए हवाई अड्डे की रक्षा के लिए ना’टो के संकल्प सहायता मिशन के तहत काम कर रहे अफगानिस्तान में तुर्की की सै’न्य उपस्थिति थी, योजना के विवरण पर अभी भी चर्चा की जा रही।

उन्होने कहा, “फिलहाल, हमारी वहां पहले से ही मौजूदगी है और अब किसी भी तरह से वहां किसी भी सैनि’क को भेजना हमारे लिए सवाल से बाहर है।” अकार ने ना’टो मिशन में भाग लेने वाले लगभग 500 तुर्की सै’निकों का जिक्र करते हुए कहा, और बातचीत अभी भी चल रही है।

उन्होंने कहा, “जब आने वाले समय में इन प्रयासों को पूरा किया जाएगा, तो आवश्यक उपाय किए जाएंगे और यह एक योजना बन जाएगी,” उन्होंने कहा, इस मुद्दे पर गुरुवार को अंकारा में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की जाएगी।