स्वेज नहर में फंसे जहाज को हटाने के लिए आगे आया तुर्की, अपना जहाज भेजने के लिए तैयार

मिस्र की स्वेज नहर में बड़ा कार्गो जहाज फंसने से समुद्र में यातायात ठप हो गया है। लाल सागर और भूमध्य सागर के किनारों पर बड़ी संख्या में जहाज खड़े हुए है। स्वेज नहर में एवर गिवेन शिप के फंस जाने से मिस्र को  लगभग 400 मिलियन डॉलर प्रति घंटे का नुकसान हो रहा है।

इसी बीच अब तुर्की की परिवहन और अवसंरचना मंत्री ने जहाज को हटाने में मदद करने की पेशकश की है। अधिकारी ने कहा कि अंकारा जरूरत पड़ने पर मदद के लिए अपने आपातकालीन पोत नेने हटुन को भेजने के लिए तैयार है। मंत्री ने कहा, “तुर्की का नेने हटुन जहाज दुनिया के कुछ जहाजों में से एक है जो इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है और यह मदद के लिए तैयार है।”

बता दें कि तुर्की ने हाल ही में मिस्र के साथ संबंधों को सुधारने के लिए हाल ही में कदम उठाए हैं। जब 2013 में तत्कालीन रक्षा मंत्री अब्देल फतह अल-सीसी ने काहिरा में सैन्य तख्तापलट किया था। तब अंकारा ने  मुस्लिम ब्रदरहुड का समर्थन किया जिसने मिस्र में लोकतांत्रिक चुनाव जीते थे।

2017 में संबंधों को और नुकसान पहुंचा जब मिस्र ने सऊदी अरब, यूएई और बहरीन को कतर की हवाई, समुद्री और जमीनी नाकेबंदी में शामिल कर लिया। तुर्की ने बहिष्कार के दौरान दोहा का समर्थन किया और छोटे खाड़ी राज्य को सै*न्य और वाणिज्यिक समर्थन प्रदान किया।

बता दें कि स्वेज नहर के रास्ते हर दिन हजारों की संख्या में जहाज यूरोप से एशिया और एशिया से यूरोप तक जाते हैं। स्वेज नहर से दुनिया का करीब 10 फीसदी शिपिंग ट्रेड होता है। लंबे समय तक ये रास्‍ता बंंद रहने से परेशानी हो सकती है और जहाजों को पूरे अफ्रीका महाद्वीप का चक्कर लगाते हुए यूरोप तक जाना पड़ेगा।