स्वेज़ नहर में फंसा विशालकाय जहाज़ आखिरकार 6 दिन बाद निकला

मिस्र की स्वेज नहर में बीते मंगलवार को को फंसा मालवाहक जहाज एवरग्रीन को आंशिक रूप से निकाल लिया गया है। को स्वेज़ नहर प्राधिकरण के मुताबिक़, जहाज़ की दिशा को 80% तक ठीक कर लिया गया है। अब यह अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, एवर गिवेन जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं। सभी भारतीय चालक पूरी तरह से सुरक्षित बताए गए हैं। विशेषज्ञों की ओर से कहा गया था कि जाम खोलने में पांच से सात दिन का समय लग सकता है। जहाज के फंस जाने से हर घंटे 2800 करोड़ रुपये का नुक्सान हुआ।

दरअसल,  इस जलमार्ग से हर रोज़ क़रीब 9.6 अरब डॉलर का सामान निकलता है। जहाज के फंसने से लाल सागर और भूमध्य सागर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी। जाम में करीब 150 जहाज फंसे हुए थे, जिनमें 13 मिलियन बैरल कच्चे तेल से लदे लगभग 10 क्रूड टैंकर भी शामिल थे।

‘एवरग्रीन मरीन कोर’ ने एक बयान में बताया कि तेज हवाओं के कारण ऐसा हुआ, लेकिन उसका एक भी कंटेनर डूबा नहीं है। जहाज के तकनीकी प्रबंधक बर्नहार्ड शुल्ते शिपमैनमेंट (बीएसएम) ने कहा, एवर गिव्स, जो दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों में से एक है, मंगलवार को लगभग 05:40 जीएमटी पर नहर में घिरा। जिसकी एक जांच चल रही।

स्वेज नहर के रास्ते हर दिन हजारों की संख्या में जहाज यूरोप से एशिया और एशिया से यूरोप तक जाते हैं। स्वेज नहर से दुनिया का करीब 10 फीसदी शिपिंग ट्रेड होता है।