नमाज़ पढ़ रहे लोगों से पुलिसकर्मी ने की अभद्रता, साउथ अफ्रीका ने मुस्लिमों से मांगी माफी

लॉकडाउन के बीच मस्जिद में नमाज अदा कर रहे मुस्लिमों को रोकने के दौरान पैगंबर मोहम्मद (सल्ल) को लेकर अभद्र टिप्पणी करनाएक पुलिसकर्मी को महंगा साबित हुई। इस पूरे मामले को लेकर साउथ अफ्रीका सरकार को मुस्लिमों से माफी मांगनी पड़ी।

साउथ अफ्रीका के पुलिस मिनिस्टर भेकी सेले ने सोमवार को माफ़ी मांगते हुए कहा कि ये ‘ईशनिंदनीय’ व्यव्हार है और सीके दोषी को उचित सजा दी जाएगी। भेकी ने कहा कि हम पुलिस डिपार्टमेंट और सरकार की तरफ से मुस्लिम समुदाय से इस व्यव्हार के लिए माफ़ी मांगते हैं।

वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि एक पुलिस टीम लॉकडाउन का उल्लंघन कर मस्जिद में नमाज़ पढ़ रहे लोगों को हिरासत में लेने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक पुलिकर्मी ने लोगों के साथ अभद्रता करनी शुरू कर दी। वीडियो में पुलिसवाला लोगों से बार-बार सवाल करता नज़र आता है- क्या तुम राष्ट्रपति से बड़े हो, क्या तुम्हारे पैगंबर मोहम्मद (सल्ल) राष्ट्रपति से बड़े हैं?

पुलिस की तरफ से भी जारी एक बयान में भी कहा गया है कि इस तरह के व्यवहार की फ़ोर्स में कोई जगह नहीं है, इसे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि पुलिस ने माना है कि मस्जिद में इकठ्ठा होकर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था।

साउथ अफ्रीका की जमीयत उलेमा काउंसिल ने भी पूरे मामले पर एक बयान जारी कर कहा- पैगंबर मोहम्मद के नाम का मजाक उड़ाना और मस्जिद में जूते पहनकर घुसना अपानजनक है। ये मुस्लिमों के लिए पवित्र जगह मानी जाती है और पुलिस को ऐसी हरक़त के लिए शर्म आनी चाहिए। हालांकि काउंसिल ने मुस्लिमों से अपील की कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करें और घरों में ही नमाज़ और तरावीह पढ़ें।


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